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बाढ़ के पानी ने नए क्षेत्रों में प्रवेश किया

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मिर्जापुर। विकराल हुई गंगा लाल निशान पार कर तटवर्ती इलाकों के लिए दुश्वारी बन चुकी है। 500 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। शनिवार को करीब दो दर्जन और गांवों में बाढ़ का पानी पहुंच गया। इस समय गंगा खतरे के बिंदु से लगभग 22 सेमी ऊपर 77.940 मीटर पर बह रही हैं। रफ्तार कम जरूर हुई है लेकिन थमी नहीं है। संभावना जताई जा रही है कि 24 घंटे में जलस्तर में और भी बढ़ोत्तरी होगी। जिले के 502 गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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बाढ़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं। अधिकारियों समेत जनप्रतिनिधि गांवों का दौरा कर बाढ़ का हाल जान रहे। इस समय 49 नाव व 18 मोटरबोट विभिन्न क्षेत्रों में लोगों के बीच राहत कार्य कर रही हैं। इस समय गंगा के पानी में प्रति दो घंटा पर आधा सेमी की बढ़ोत्तरी दर्ज की जा रही है। नगर से सटे विंध्याचल में भी बाढ़ का पानी कंतित के पास बस्ती तक पहुंच गया है। बनारस बस स्टैंड का मैदान पानी में डूब गया है। गोसाईपुरवा व अन्य जगहों पर भी पानी भर गया है। रेलवे अंडरपास में भी पानी पहुंच गया है। मिर्जापुर- प्रयागराज के सड़क मार्ग पर कई जगहों पर पानी आने से आवागमन बाधित हो गया है।
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चुनार: धीमी गति से हो रहे बढ़ाव के साथ गंगा खतरे के निशान को पार कर गई है। गंगा के निरंतर बढ़ते जल स्तर के चलते गांव के निचले इलाके में बसे लोग तो पहले ही सतर्क होकर अपनी रिहायशी के साथ मवेशियों के लिए सुरक्षित स्थान की तलाश करने में लगे रहे लेकिन शुक्रवार को गंगा के खतरे का निशान पार करने के बाद ऊंचे इलाके में बसे लोगों की भी चिंता उन्हें सताने लगी है। इलाके के प्रभावित लोग राशन, तेल, लकड़ी व अन्य घरेलू रोजमर्रा के सामान की इकट्ठा खरीदारी कर गंगा के पानी के बढ़ाव को देखते हुए करने लगे हैं। गंगा के बढ़ाव के चलते तहसील क्षेत्र के सैकड़ों गांव प्रभावित हैं। जबकि लगभग दर्जन भर गांव पूरी तरह से जल मग्न हैं। गांव के साथ ही नगर क्षेत्र भी बाढ़ से प्रभावित हो चुका है। नगर पालिका क्षेत्र के नागरपुर, उसमानपुर, भरपुर, लालदरलाजा, आदि मुहल्ले के साथ ही संतोषी माता मंदिर घाट से तहसील व लालदरलाजा से बैंक, तहसील जाने वाले मार्ग पर बाढ़ का पानी पहुंचने से आवागमन प्रभावित हो गया है। शनिवार को टेढ़ीनीम मुहल्ले में स्थित बैंक आफ बड़ौदा, लाल दरवाजा मुहल्ले में स्थित भारतीय स्टेट बैंक भरपुर मुहल्ले में स्थित बिजली कार्यालय व काजी टोला स्थित उप डाकघर के बाहर बाढ़ का पानी पहुंच गया है। बैंक व अन्य कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी, कर्मचारी पानी के बीच से होकर किसी तरह अपने काम पर पहुंचे। लेकिन बैंकों व अन्य कार्यालयों में उपभोक्ताओं के पहुंचने की संख्या नही के बराबर रहा। तहसीलदार नुपूर सिंह ने बताया कि बाढ ग्रस्त इलाके में कुल 40 नाव लगाई गयी है। बाढ़ चौकियों पर 24 घंटे राजस्व कर्मी ग्रामीणों के सहयोग के लिए मौजूद है। आवश्यकता को देखते राहत कार्य शुरू कराया जायेगा।
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सीखड़: सांसद अनुप्रिया पटेल ने सीखड़ विकासखंड के पिपराही, धनु पुर, पसियाही, मंगरहा, खैरा आदि गांव में बाढ़ पीड़ितों किसानों का हाल जाना। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से जो सुविधाएं होगी सभी किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा । किसानों के नुकसान हूई फसलों का सर्वे लेखपाल से कराने के बाद फसल नुकसान का मुआवजा दिलाया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों के गांव में आने की जानकारी प्राप्त की। किसानों ने अपनी व्यथा बतायी, उन्होंने कहा जिसका घर गिरा है। उसे उचित स्थानों पर रखे जाने की व्यवस्था कराई जाएगी।
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जिगना: विकास खंड छानबे के कई अन्य गांव शनिवार को बाढ की चपेट मे आ गए हैं। बबुरा, अकोढी, चौकठ, देवरी, बिरोही, महडौरा, चेहरा, काशीसरपत्ती आदि गांवों मे कुछ मकानों व रहायशी मड़हों में पानी घुस गया है। किसानों की बोई गई फसलें डूब कर नष्ट हो गई है। मूंग, उरद, बाजरा, अरहर, तिल, धान, साग- सब्जी व फूल की खेती आदि फसलों को डूबने से किसानों को क्षति पहुंचा है । गंगा नदी के साथ ही सहायक नदी कर्णावती भी उफान पर है। मिर्जापुर- प्रयागराज मार्ग, अकोढी बबुरा मार्ग, जंगीरोड देवरी मार्ग, भटेवरा डेरवा मार्ग, अरगीसरपत्ती महुआरी मार्ग पर आवागमन बाधित हो गया है। आने- जाने के लिए नाव की व़्यवस्था की गई है। बाढ़ क्षेत्र की स्थित व ग्रामीणों की मदद के लिए क्षेत्रीय लेखपाल, राजस्व निरीक्षक तथा पुलिस के लोग भ्रमण पर हैं और जानकारी ले रहे हैं। गंगा तट के करार पर बसे हरगढ़ भौरूपुर, साटन पट्टी, गोगांव, आदमपुर, नीबी गहरवार, असवा, चडैचा सहित अन्य गांव के लोग बाढ को देखते हुए भयभीत भी हैं। बहरहाल गंगा नदी का पानी बढ़ ही रहा है। क्षेत्र में उप जिलाधिकारी सदर गौरव श्रीवास्तव व तहसीलदार के अलावा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं। मिर्जापुर- प्रयागराज मार्ग बंद होने से लोगों को लालगंज होकर मिर्जापुर आना जाना हो रहा है। अभी तक बाढ़ से प्रभावित लोगों को कोई मदद जिला प्रशासन अथवा अन्य के द्वारा नहीं पहुंच रहा है। बिरोही के फकीर अली, लल्लन व कल्लन तथा संजीव सोनकर बीरा का कहना है कि अभी तक किसी प्रकार की सहायता नहीं मिल रही है। मकान में पानी भर गया है।
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ील्ह: विकास खंड कोन के गंगा के तटवर्ती गांवों में बढ़ते हुए गंगा के जलस्तर को देखते हुए ग्रामीण अपने समान व मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे हैं। आशंका यह बनी हुई है कि पानी अभी बढ़ेगा, इसको लेकर के लोग असमंजस की स्थिति में हैं कि कितनी ऊंचाई पर अपने सामान को सुरक्षित रख सके। जिससे बाढ़ से बचा जा सके कुछ लोगों का तो जानवरों के लिए रखा गया भूसा व अनाज बाढ़ की चपेट में आकर के नष्ट हो गया। धीरे-धीरे करके गंगा का जल कई गांव के संपर्क मार्गों को बंद करता है चला जा रहा है जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है विकास खंड के धौरहरा, मझली पट्टी, खुलवा, सेमरा, तिलठी, हरसिंहपुर, मल्लेपुर, जगदीशपुर, मवैया, लखनपुर, अनुरुद्धपुर पूरब पट्टी, पुराने बाड़ा, मझिगवां, चील्ह मलाधरपुर, भटेवरा मदन पट्टी डिगूर पट्टी, दलापट्टी , कोल्हुआ, कमासिन, गहिया ,गडगेडी, रामपुर, चेकसारी, मुझेहरा,बल्ली परवा, देवपरवा, सहित कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं। जहां पर गंगा किनारे में बोई फसल नष्ट हो गई है। भूसा बाढ़ के पानी में बह गया है। जिसको लेकर किसान काफी चिंतित हैं चील्ह के पशु चिकित्सा अधिकारी नवीन चन्द्र पांडे ने बताया की विकास खंड कोन के दोनो बाढ चौकी चील्ह और तिलठी में पशु के चिकित्सा के लिए दवा और डॉक्टर की व्यवस्था की गई है । पशुपालक को जब उनका पशु बीमार समझ में आए वह लेकर उसका इलाज कराएं। बाढ़ क्षेत्र का दौरा नगर विधायक रत्नाकर मिश्र ने भी किया और लोगों की समस्याओं को सुना। वही भाजपा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मनोज श्रीवास्तव ने भी बाढ 1 क्षेत्र का दौरा करके लोगों को हाल जाना।
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