मिर्जापुर। मरीजों की सेवा करने के लिए लगी एंबुलेंस को भी कमाई को कुछ लोगों ने जरिया बना लिया है। सरकार ने तो मरीजों की सेवा के लिए 102 और 108 की एंबुुलेंस सेवा दी है। पर सरकारी अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंसकर्मी हावी हो गए हैं। रात के समय आने वाले गंभीर मरीजों को जल्द अस्पताल ले जाने के बहाने निजी अस्पतालों में भर्ती करा दे रहे।
मंडलीय अस्पताल और जिला महिला अस्पताल में प्राइवेट एंबुलेंस संचालन का खेल काफी समय से चल रहा है। पूर्व में एंबुलेंस गुटों में विवाद के बाद पुलिस ने कार्रवाई भी की थी। कुछ समय के लिए इनकी मनमानी पर विराम लगा, पर फिर से यह मामले सामने आने लगे हैं। इस समय दोनों अस्पतालों में निजी एंबुलेंस संचालक अस्पताल कर्मचारियों की मिलीभगत से गरीब मरीजों को शोषण कर रहे हैं। जिले के सरकारी अस्पताल में बेहतर सुविधा न मिलने पर उन्हें बाहर के सरकारी अस्पताल में रेफर किया जाता है। इसके लिए उनको सरकारी एंबुलेंस भी उपलब्ध कराया जाती है, पर यहीं पर अस्पताल स्टाफ की मिलीभगत से प्राइवेट एंबुलेंस संचालक बीमार को निजी अस्पताल में भर्ती करा देते हैं। जहां से उन्हें कमीशन मिलता है।