जिला चिकित्सालय में भर्ती एक गर्भवती महिला की रविवार की दोपहर मौत हो गई। परिवार के लोगों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए हंगामा मचाया।
इमरजेंसी कक्ष में तैनात चिकित्सक से हंगामा मचा रहे लोगों की हाथपाई तक मामला पहुंचने की सूचना पर पहुंचे शहर कोतवाल ने लोगों को समझाने बुझाने का प्रयास किया तो उनसे भी नोकझोंक हो गई।
घटना की जानकारी पर पहुंची सीओ नगर ने लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की बात कही है।
लालगंज थाना क्षेत्र के सिरसी बांध गांव निवासिनी प्रमीला 20 वर्ष पत्नी अनिल कुमार आठ माह से गर्भवती थी। बुखार आने पर परिवार के लोग चार दिन पहले जिला महिला चिकित्सालय में भर्ती कराये थे।
यहां चिकित्सकों द्वारा एक बोतल खून चढ़ाने के बाद उसे छोड़ दिया। हालत नाजुक होने पर परिवार के लोग महिला को शनिवार की शाम एक बार फिर जिला चिकित्सालय में ले आए।
जांच कराने पर महिला में खून की कमी पाई गई। साथ ही मलेरिया से पीड़ित होना बताया गया ।
इसकी जानकारी होने पर परिवार के लोगों ने शनिवार को स्वास्थ्य कर्मियों से महिला को वाराणसी रेफर करने की मांग की लेकिन उसे रेफर नहीं किया गया।
रविवार को महिला की मौत हो गई। घटना की जानकारी होते ही अपना दल के एक गुट के कुछ कार्यकर्ता पहुंचे और परिवार के लोगों के साथ मिलकर अस्पताल में हंगामा किया।
मामला हाथापाई तक पहुंचा तो स्वास्थ्य कर्मियों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे शहर कोतवाल सुनील दत्त दूबे ने लोगों को समझाने का प्रयास किया तो उनसे भी नोकझोंक हो गई।
महिला के ससुर ने बताया कि बहू की मौत होने पर वह लोग शव लेकर घर जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोग मिले और अस्पताल में ले आए। फिर हंगामा करने लगे।।
उधर इस संबंध में सीओ सिटी श्वेता श्रीवास्तव का कहना है कि किसी को भी चिकित्सालय में पहुंचकर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। एेसे लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी।