आजाद हॉकर्स स्ट्रीट यूनियन उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में मंगलवार को नगर के खाेंमचा एवं ठेला लगाने वालों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान अपने हक के लिए हुंकार भरते हुए कहा कि संसद से लेकर कोर्ट तक ने उनको रोजी रोटी कमाने के लिए परमिशन दे दी है इसके बाद भी उनको आए दिन परेशान किया जा रहा है। जिससे वह सुकून से दो पैसा नहीं कमा पा रहे हैं। इससे रोजी रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद 74 वें संशोधन में संसद द्वारा फरवरी 2014 को देश भर के पांच करोड़ पटरी कारोबारियों के लिए पथ विक्रेेता आजीविका का संरक्षण और पथ विक्रय का विनियमन दोनों सदनों में पारित किया गया। सड़क पटरी दूकानदारों के हित में भी कानून बन गया।
कोर्ट ने भी इनके हित के लिए कुछ आदेश दिए लेकिन यह भी कहा कि जबतक सर्वे का काम पूरा नहीं हो जाता है तबतक किसी भी पटरी कारोबारी को बेदखल नहीं किया जाए। इसके बावजूद नगर के घंटाघर, संगमोहाल, गणेशगंज, गुहरटटी, मुकेरी बाजार समेत अन्य स्थानों पर दूकान आदि लगा कर अपनी रोजी रोटी चलाने वाले लोगों को परेशान किया जा रहा है। जिससे वह अपना काम पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इस दौरान मोहम्मद फिरोज, मुख्तार, बेलाल, नीरज, राकेश, रामबाबू सोनकर, सोनी, मनोज सोनकर,मुनौवर, गुड़िया, विजय कुमार, मीता, मुन्ना, नूर आलम, संजू गुप्ता, कैलाश गुप्ता, प्रेमनाथ, धीरज, बब्लू, राहुल, राजकुमार, राजू, श्यामबाबू, आदि शामिल रहे।