घटनास्थल पर मौजूद लोग।
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ज्यादातर को आता है तैरना
गंगा पार मटर तोड़ने जा रही महिलाओं और किशोरियों में से ज्यादातर को तैरना आता है। सभी निषाद समाज से हैं और गंगा किनारे ही रहते हैं। इस कारण जब नाव पलटी तो थोड़ी ही देर में संभलने के बाद सभी बचाव के लिए तैरने के लिए हाथ-पैर मारने लगीं। पानी ज्यादा ठंडा होने की वजह से कुछ समस्या हुई। जो नहीं तैैर पा रही थीं, उसमें से कुछ को नाविकों ने पकड़ लिया था।
ये लोग थे नाव पर सवार
नाव पर सवार महिलाएं, पुरुष, किशोरियां, बालिकाएं सभी लोग शिवपुर राम गया घाट निषाद बस्ती निवासी हैं। इसमें नैना देवी (55), खुशी कुमारी (12), श्वेता (12), संगीता (16), पुष्पा कुमारी (15), संतोषी कुमारी (14), रेखा कुमारी (13), बबलू निषाद (25), ज्योति देवी (60), साधना कुमारी (13), सुनीता देवी (35), बेबी कुमारी (15), संध्या कुमारी (14), सुदेवी (40), सनी कुमार (18), पायल कुमारी (13), निशा (14), सुनील (18) सवार थे।
इन लोगों ने बचाई जान
हादसे के बाद लोगों की जान बचाने में नाव सवार नाविक सनी और बबलू की भूमिका महत्वपूर्ण रही। इन दोनों ने खुद की परवाह न कर किशोरियों को बचाया। इसके अलावा गंगा किनारे मौजूद रामराज, विकास, दीपचंद और रामलाल साहनी ने भी गंगा में उतर कर जान बचाई। रामलाल साहनी के पास मोटर बोट थी। इस कारण डूबने वाले स्थान पर पहुंचने में जल्दी हुई। मौके पर पहुंचे सपा नेता राज मिश्रा ने लोगों की जान बचाने वालों को पुरस्कृत करने की बात कही है।
नाव से 18 लोग बनवारीपुर घाट से मटर तोड़ने गंगा पार जा रहे थे। इसी बीच, नाव पलट गई। सभी को सुरक्षित बचा लिया गया। 12 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी घर चले गए।
प्रवीण कुुमार लक्षकार, जिलाधिकारी
अस्पताल में 12 लोग भर्ती हुए हैं। सभी स्वस्थ हैं। एक 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला को ऑक्सीजन लगाया गया है। वह भी खतरे से बाहर हैं।
डा. एसके सिंह, सीएसचसी प्रभारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बनाई नजर :
नाव डूबने की हुई घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए कहा है।