दलितों को पुश्तैनी भूमि से बेदखल करने का आरोप लगाते हुए भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी माले के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को लाल झंडों के साथ
जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपनी
मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
सोमवार की सुबह भारतीय
कम्युनिस्ट पार्टी माले के कार्यकर्ता रेलवे स्टेशन के पास एकत्रित हुए और
वहां से जुलूस की शक्ल में दोपहर को कलेक्ट्रेट के लिए रवाना हुए। अपनी
मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए माले कार्यकर्ता दोपहर तीन बजे
कलेक्ट्रेट में पहुंचे और सभा करना आरंभ कर दिया।
सभा को संबोधित करते हुए
केंद्रीय कमेटी के सदस्य मोहम्मद सलीम ने कहा कि देश को आजाद हुए कई दशक
बीत गए लेकिन आज भी गरीबों और दलितों का उत्पीड़न जारी है। हनुमान पड़रा
गांव में सैकड़ों वर्षों से बसे दलितों को शासन प्रशासन की मिलीभगत से
उजाड़ा जा रहा है।
बिल्डर प्रशासन की मदद से दलित बस्ती को जबरदस्ती उजाड़
कर रास्ता बनाने पर तुले हैैं। पुलिस भी उनके इस प्रयास को शह दे रही है।
माले नेता आशाराम भारती ने कहा कि दलितों को उजाड़ कर रास्ता बनाया जाना
उचित नहीं है।
जमींदारी समाप्त हुए कई दशक बीत गए लेकिन जमींदारों का नाम
और उनका उत्पीड़न आज भी जारी है। प्रशासन को भू-माफियाओं को जेल भेजना
चाहिए ताकि दलितों शोषितों को न्याय मिल सके।
धरना प्रदर्शन करने वालों में
लालता, कल्लू, दूधनाथ, नन्हें, रामबाबू, रामअवतार, विश्राम भारती, अनीता,
शिवशंकर, अमृतलाल, भगेडू, जितेन्द्र कुमार, धर्मेंद्र, साहेब अंसारी,
लालचंद भारती आदि शामिल रहे।