नक्सल प्रभावित खोराडीह और लतिहरवा जंगल में नक्सलियों की पदचाप सुनाई देने और अपने पुराने साथियों से मिलने की गोपनीय सूचना से पुलिस महकमा हरकत में आ गया है। मंगलवार को खोराडीह और लतिहरवां जंगल को पुलिस पीएसी फोर्स ने शिद्दत के साथ खंगला।
इस दौरान पीएसी व पुलिस के जवानाें ने जंगल में संदिग्धाें के घराें की सघनता से तलाशी भी ली। नक्सली घुसपैठ के मामले में खुफिया विभाग से लगातार मिल रही सूचनाओं के मददेनजर यह कार्रवाई की गई। सर्च आपरेशन की कमान खुद संभालते हुए सीओ आपरेशन ने तलाशी के दौरान जंगलाें के चरवाहों से पूछताछ कर जानकारी जुटाई।
मालूम हो कि नक्सली घुसपैठ की लगातार मिल रही सूचनाओं ने पुलिस विभाग की नींद उड़ा दी है। खुफिया विभाग की लगातार रिपोर्ट आने के कारण जंगलाें की कांबिग की गई, ताकि घुसपैठियाें को चिन्हित किया जा सके।
मामले को गंभीरता से लेते हुए आईजी जोन वाराणसी को भी अपनी क्यूआरटी टीम को जंगल खंगालने के लिए भेजना पड़ा। मंगलवार को टीम का नेतृत्व कर रही सीओ नक्सल गीतांजलि सिंह के साथ थानाध्यक्ष मड़िहान रामनरेश यादव, थानाध्यक्ष अहरौरा पंकज यादव समेत सैकड़ाें पुलिस व पीएसी के जवान जंगल में घुसे।
न केवल खोराडीह सैनिक छावनी में तब्दील हो गया, बल्कि लतिहरवा जंगल के अस्थाई घराें में रह रहे गैंग में शामिल पूर्व नक्सलियाें को सर्च किया गया। सूचनाओं के मुताबिक इस इलाके में बीते एक पखवारे के अंदर कई बार नक्सली चढ़े और पुराने साथियाें से मुलाकात की। कांबिग के दौरान जंगलाें में मौजूद चरवाहाें से संदिग्धाें के विषय में सूचनाएं संकलित की गई। पूछताछ के दौरान कई जानकारी मिलने की बात चर्चा में है। पुलिस मामले को लेकर गंभीर है।