मिर्जापुर एसपी संतोष कुमार मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
व्यापारियों से दो लाख रुपये मांग रहे थे। एक व्यापारी ने 10 हजार रुपये दिया। व्यापारियों ने शंका होने पर आयकर अधिकारी सर्चिल कुमार को सूचना दी। आयकर अधिकारी सर्चिल कुमार ने व्यापारियों को बताया कि वसूली करने वाले आयकर विभाग के नहीं है। इसके बाद व्यापारियों ने कटरा कोतवाली पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कटरा कोतवाली पुलिस चार लोगों को पकड़कर थाने ले गई।
पहले तो पुलिस मामले में कुछ बताने से इन्कार करती रही। मामले में आयकर अधिकारी सर्चिल कुमार ने बताया कि व्यापारियों से कुछ लोग आयकर अधिकारी बनकर वसूली कर रहे थे। व्यापारियों ने इसकी शिकायत की तो जानकारी हुई। व्यापारियों को बताया गया कि वे फर्जी आयकर अधिकारी है। सूचना पुलिस को दी गई। व्यापारियों ने फर्जी आयकर आयकर अधिकारी बने लोगों को बैठा लिया। कटरा कोतवाली पुलिस के पहुंचने पर उनको सौंप दिया। कटरा पुलिस के पहुंचने पर पता चला कि फर्जी आयकर अधिकारी बनने वाले लोग असल में पुलिसकर्मी हैं, जो जिले में पुलिस की एक विशेष शाखा में तैनात हैं।
इसके बाद पुलिस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाने लगी। पुलिस अधिकारी कुछ स्पष्ट नहीं बता रहे थे। मामला बढ़ने पर रात को जांच के बाद उपनिरीक्षक राकेश कुमार पांडेय पर मुकदमा दर्ज करने के साथ ही उसे निलंबित कर दिया गया। साथ ही तीन अन्य पुलिसकर्मियों को भी निलंबित कर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा ने बताया कि कटरा कोतवाली क्षेत्रांतर्गत दुकानदार द्वारा एक पुलिसकर्मी पर पैसा लेने की शिकायत करते हुए एक वीडियो दिखाया गया। इसकी जांच क्षेत्राधिकारी नगर परमानंद द्वारा कराई गई। प्रथम दृष्टया जांच के आधार पर संबंधित उप निरीक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। दुकान के बाहर खड़े अन्य तीन पुलिसकर्मियों को जांच पूर्ण होने तक निलम्बित किया गया है। प्रकरण की संपूर्ण जांच कर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।