विंध्याचल। महाकुंभ के पलट प्रवाह की वजह से विंध्याचल में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा है। मंगलवार को भी आस्थावानों की लंबी कतारें लगी रहीं। श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि चार लाख से ज्यादा भक्तों ने मां विंध्यवासिनी के कात्यायनी स्वरूप के दर्शन किए।
भोर में मंगला आरती से पहले ही विंध्यधाम में भक्तों की कतारें लग गई थीं। गंगा घाटों, गलियों और सड़कों पर आस्थावानों का रेला उमड़ता रहा। घंटों बाद अपनी बारी आने पर किसी ने झांकी तो किसी ने गर्भ गृह में पहुंचकर मां विंध्यवासिनी का दर्शन पूजन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसके बाद अष्टभुजा पहाड़ पर विराजमान महाकाली और मां अष्टभुजी देवी के दरबार में जाकर श्रद्धालुओं ने शीश नवाया।