-पुल के दोनों ओर लगी वाहनों की लंबी कतार, विंध्याचल आने जाने वाले श्रद्धालु फंसे रहे
चील्ह। वाराणसी-औराई-मिर्जापुर मार्ग के शास्त्री सेतु पर शुक्रवार की रात ट्रक खराब हो जाने से रातभर भीषण जाम लगा रहा। गोपीगंज की ओर श्रीपट्टी और औराई की ओर पुरजागिर तक वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आवागमन ठप हो गया। सबसे ज्यादा समस्या उन श्रद्धालुओं को परेशानी हुई जो परिवार के साथ मंगला आरती देखने के लिए मां विंध्यवासिनी दरबार जा रहे थे। जाम के चलते नो एंट्री का समय शुरू होने तक ट्रक फंसे रहे। सुबह नौ बजे नो एंट्री में उन्हें फिर से रोक दिया गया। इससे 500 से ज्यादा ट्रकों के पहिए थमे रहे।
जाम में फंसे कई मरीज, नौकरीपेशा और अन्य यात्री पूरी रात जाम के खत्म होने का इंतजार करते रहे। कुछ लोगों ने पैदल ही पुल पार कर जाम से मुक्ति पाई। पुल के दोनों तरफ करीब चार किमी तक जाम लगा रहा। प्रयागराज के झूंसी की ओर पुल निर्माण कार्य के चलते रूट डायवर्ट के कारण भी वाहनों का दबाव बढ़ गया था।
चील्ह के आस-पास नो एंट्री खुलते ही सबसे पहले निकलने की होड़ रहती है। पर शाम ढलते ही मामला और भी गंभीर होता चला जाता है। सात बजे के बाद तो सड़कों पर दो-दो लेन में भारी वाहन खड़े नजर आते हैं। ऐसे में कार क्या बाइक का भी निकलना मुश्किल हो जाता है। शुक्रवार की रात ट्रक खराब होने से ट्रकों के पहिए जहां तहां थम गए। धीरे-धीरे जाम गंभीर होता चला गया। आलम यह हो गया कि देर रात तक दो पहिया वाहन भी नहीं निकल पा रहे थे। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद खराब ट्रक को पुल से हटवाया। शनिवार सुबह नौ बजे से वाहनों का आवागमन धीरे-धीरे शुरू कराया गया। पुलिस ने जाम में खड़े ट्रकों को एक लाइन में खड़ा कर यातायात अन्य वाहनों के लिए सुचारू कराया, इसके बाद लोगों को राहत मिली। स्थानीय लोगों का कहना है कि शास्त्री सेतु पर भारी वाहनों के खराब होने से अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। उन्होंने पुल पर 24 घंटे क्रेन की व्यवस्था और वैकल्पिक यातायात प्रबंधन की मांग की है।
कोट
झूंसी की ओर पुल निर्माण कार्य के चलते यातायात डायवर्ट किया गया है। इसी कारण इस मार्ग पर भारी वाहनों का दबाव बढ़ गया है, जो जाम की बड़ी वजह बन रहा है।
रविंद्र भूषण मौर्य,चील्ह थाना प्रभारी
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जाम में फंसे श्रद्धालुओं की छूटी आरती, होटल की बुकिंग का पैसा हुआ बर्बाद
जाम में फंसने से कुछ श्रद्धालुओं के होटल में बुक कमरे पड़े रह गए। यहां तक कि जिस उद्देश्य से विंध्याचल आए थे मंगला आरती में भी नहीं पहुंच सके और खुद की किस्मत को कोसते रहे। जाम खुलने के बाद मां का दर्शन प्राप्त हुआ।
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प्रतिदिन लगने वाले जाम से परेशान हैं ग्रामीण
चील्ह चौराहे से मलाधरपुर गांव की ओर जाने वाले मार्ग पर शाम ढलते ही ट्रकों की लाइन लग जाती है। नौ बजते बजते तो यह स्थिति हो जाती है कि बाइक निकलने तक की जगह नहीं बचती है। इस मार्ग का इस्तेमाल पांच से छह गांव के लोग करते हैं। समस्या के लिए कई बार प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई पर सुनवाई नहीं हो सकी।