फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिग्गज नेताओं को हराने वाले पूर्व विधायक रुद्र बाबू का निधन

विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री व जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन रुद्र प्रताप सिंह एडवोकेट का शनिवार सुबह 87 वर्ष की उम्र में कोरोना संक्रमण के चलते बीएचयू में निधन हो गया। उनके निधन से परिवार और समाजवादी पार्टी में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन

रुद्र प्रताप सिंह (रुद्दर बाबू) रामपुर कैलहट चुनार के निवासी थे। वे पहली बार 1974 में विधायक चुने गए। उन्होंने 1985 में कांग्रेस के दिग्गज नेता व पूर्व मंत्री पं. लोकपति त्रिपाठी को 54 वोट से हराया था। जिसके बाद मुलायम सिंह यादव ने उन्हें सरकार में खाद्य व रसद मंत्री बनाया था। उन्होंने बसपा के पूर्व अध्यक्ष भागवत पाल को भी हराया था। वे तीन बार मिर्जापुर जिला सहकारी बैंक के चेयरमैन रहे। परिवार में उनकी पत्नी विद्या देवी व छोटा पुत्र राजेश (राशू) है।
रुद्दर बाबू के निधन पर समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय लोहिया ट्रस्ट पर हुई शोक सभा में पार्टी जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने दु:ख जताते हुए कहा कि उनके निधन से पार्टी को अपूर्णनीय क्षति हुई है। शोक व्यक्त करने वालों में पूर्व मंत्री कैलाश चौरसिया, मुन्नी यादव, शिवशंकर सिंह यादव, आशीष यादव, अशोक यादव, रोहित शुक्ला, जवाहर लाल मौर्या, सुरेन्द्र सिंह पटेल, रामगोपाल बिन्द, संजय यादव, कीर्ति कोल, लालता बियार, रमेश ओझा, अनिल यादव, गिरधारी पाल, निजाम राइन, सुनील पाण्डेय, अभय यादव, सुभाष पटेल, रविप्रकाश त्रिपाठी, जुम्मन खां, शैलेष पटेल, अनिल यादव एड. सलीम बादशाह, धनश्याम साहू, विजय सोनकर, श्याम मोहन यादव, उपेन्द्र तिवारी आदि रहे। कांग्रेस नेता विधि सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रमा प्रसाद सिंह ने शोक जताया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें