पुलिस ने विकास खंड कोन के नेवढ़िया गांव के पूर्व प्रधान व गांव के सेक्रेटरी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में मुकदमा पंजीकृत किया है। कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की गई है। दोनों पर समाजवादी पेंशन में हेराफेरी करने का आरोप है।
नेवढ़िया गांव निवासी व आप पार्टी के नेता गिरीश चंद्र यादव ने 30 अप्रैल 2014 को जन सूचना अधिकार के तहत बीडीओ से गांव के किन किन लोगों को समाजवादी पेंशन योजना का लाभ किस मानक के अनुरूप दिए जाने की जानकारी मागंगी थी।
कई बार सूचना मांगने के बावजूद अधिकारियों द्वारा सूचना नहीं दी गई। जिस पर गिरीश ने मुख्य दंडाधिकारी के यहां याचिका दाखिल की। बताया कि समाजवादी पेंशन योजना के लिए गांव में अनुसूचित जाति को 30, अल्पसंख्यक को 25, सामान्य को 45 प्रतिशत पेंशन देने की व्यवस्था की गई है।
लेकिन गांव के पूर्व प्रधान छब्बी देवी व सेक्रेटरी विजय प्रताप द्वारा नियम को ताख पर रखकर गांव निवासिनी चंद्रावती देवी, मालती देवी, गुलाब चंद्र, राजकुमार, लीलावती, सावित्री देवी, श्याम देवी, शीला देवी, सुदामा देवी जो पिछड़े वर्ग के है
उन्हें अल्पसंख्यक बनाकर छह छह हजार रुपये गलत तरीके से पेंशन दिया जा रहा है। इससे शासन को दो लाख 72 हजार रुपया का नुकसान हुआ है। शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। याचिका कर्ता की गुहार पर कोर्ट ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध 156 तीन के तहत चील्ह पुलिस को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।
कोर्ट के आदेश पर चील्ह पुलिस ने पूर्व प्रधान छब्बी देवी व सेक्रेटरी विजय प्रताप के खिलाफ भारतीय दंड संहिता 1860 के सेक्शन 419, 420,467 ,468 व 471 के तहत मुकदमा पंजीकृत कर मामले की जांच शुरू कर दी है।