मिर्जापुर। जिले में कांग्रेस का झंडा बुलंद करने वाले पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष माता प्रसाद दुबे का मंगलवार को निधन हो गया। सुबह उनको सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजन उन्हें जिला मंडलीय अस्पताल ले गए जहां पर उन्होंने अंतिम सांसे लीं। उनके निधन की खबर सुनते ही लोगों का हुजूम उनके रतनगंज स्थित निवास पर जुट गया। राजनीतिक दलों ने शोक संवेदना प्रकट की। माता प्रसाद दुबे ने कांग्रेस पार्टी से एमपी, एमएलए से लेकर नपाध्यक्ष तक का चुनाव लड़ा। धोती- कुर्ता पहने माता प्रसाद सादगी की मिसाल थे। दूसरों की मदद के लिए वह सदैव तत्पर रहे। पूर्व जिलाध्यक्ष कोन विकास खंड के मुजेहरा गांव निवासी थे। उनके निधन पर पूरे जिले में शोक की लहर दौड़ गई।
पूर्व जिलाध्यक्ष माता प्रसाद दुबे पत्रकार भी रहे। काफी समय तक वह युगमंथन नामक साप्ताहिक अखबार निकालते रहे। वे केबी कालेज में छात्र जीवन से राजनीति में आए। उन्होंने सदैव लोगों का सम्मान किया। विकास खंड कोन के मुजेहरा गांव निवासी कांग्रेस के वयोवृद्ध नेता माता प्रसाद दुबे का अंतिम संस्कार भोगांव के गंगा घाट पर किया गया। मुखाग्नि पौत्र हर्ष दुबे ने दिया। दाह संस्कार के दौरान नपाध्यक्ष मनोज जायसवाल, पूर्व विधायक ललितेश पति त्रिपाठी, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी, राजेश मिश्रा, भारतेंदु यादव, मनोज श्रीवास्तव, आनंद तिवारी, सहित बड़ी संख्या में सभी दलों के नेता व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूर्व जिलाध्यक्ष के निधन पर कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शिवकुमार सिंह पटेल, पूर्व विधायक भगवती प्रसाद चौधरी, पूर्व विधायक व प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री रूद्र प्रसाद सिंह, राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव विधि कुमार सिंह, राजधर दुबे, राजन पाठक, अर्चना चौबे, मुशीर आलम अंसारी, रामसिंह, छोटे खान, अमिताभ पांडेय, धीरेंद्र मिश्रा जिला पंचायत सदस्य राजेश नारायण तिवारी, विक्की जैन, प्रदीप जैन, सभासद राम यादव, संजय जयसवाल, राजेश मिश्रा, ज्योति, अखिलेश सिंह, नरेश चौधरी, अशोक गुप्ता, काशी प्रसाद, मनोज शर्मा, विक्कू शर्मा, जितेंद्र चौबे, पप्पू प्रजापति, अंकित अग्रहरि, राजेंद्र निषाद, राजन विश्वकर्मा, संतोष यादव, महेश श्रीवास्तव आदि ने शोक व्यक्त किया।