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पदोन्नति के लिए शिक्षकों का धरना

Thu, 03 Sep 2015 01:14 AM IST
ब्यूरो मिर्जापुर अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों ने बुधवार से जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में धरना प्रदर्शन आरंभ किया। शिक्षकों ने पदोन्नति नहीं होने पर रोष जताया। साथ ही पदोन्नति नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दीं।
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इस अवसर पर अध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा शिक्षक हितों की अनदेखी की जा रही है। प्राथमिक विद्यालयों में तैनात शिक्षकों की आश्वासन के बावजूद आज तक पदोन्नति नहीं की जा रही है। जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। जिला मंत्री विजय शंकर त्रिपाठी ने कहा कि पदोन्नति की सभी प्रक्रियाएं पूरी हो गई हैं। बावजूद इसके पदोन्नति सूूची जारी करने में विलंब किया जा रहा है।

 उमाकांत मिश्र और अशोक कुमार सिंह ने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी मड़िहान द्वारा शिक्षकों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। उन्होंने कहा कि खंड शिक्षा अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो शिक्षक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षक शान मोहम्मद ने कहा कि बीएसए शिक्षक हित में समस्याओं का निदान करें। दीनानाथ दूबे ने कहा कि समय रहते पदोन्नति नहीं किया गया तो आचार संहिता के कारण पदोन्नति प्रक्रिया अधर में लटक सकती है।
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 बैठक में  इंद्रभूषण उपाध्याय, कैलाशनाथ दूबे, सुशील सिंह, राकेश सिंह, व्यासमुनि तिवारी, अभिमन्यु सिंह, रामअचल, राजेश, सर्वेश सिंह, अशोक मौर्या, रामपोष सिंह, राजेंद्र यादव, प्रकाश बाबू आदि शामिल रहे।
मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के तत्वावधान में शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल बुधवार को जिलाधिकारी से मिला। शिक्षकों ने जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को पत्रक भेजा। जिसमें शिक्षकों ने पुरानी पेंशन नीति बहाल करने और जीपीएफ कटौती आरंभ करने की मांग की।

 इस अवसर पर जिलाध्यक्ष बृजभूषण सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अप्रैल 2005 से कार्यरत शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी पेंशन से वंचित हैं। इन कर्मचारियों का जीपीएफ भी नहीं कट रहा है। जिससे प्रदेश के हजारों शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है।

 उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षकों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए पुरानी पेंशन नीति को तत्काल बहाल करें। जिला मंत्री डा. प्रवीण सिंह ने कहा कि नवीन पेंशन नीति पूरी तरह से असफल साबित हो चुकी है। नवीन पेंशन नीति के कारण शिक्षक और कर्मचारी और उनके परिवार निराशा और कुंठा के शिकार हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा निर्वाचन के दौरान शिक्षकोंं को उनकी समस्याओं का निदान कराने का आश्वासन दिया था। बावजूद इसके आजतक पुरानी पेंशन नीति,जीपीएफ कटौती को लागू नहीं किया।
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