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‘कोविड-19 प्रोटोकाल का करें पालन, भीड़ से बचें’

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मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित एनआईसी में सोमवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नगर निकाय के अध्यक्षों से वीडियो कांफ्रेंसिंग कर वार्ता की।
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राज्यपाल ने वर्चुअल माध्यम से उपस्थित सभी नगर निकायों के अध्यक्षों एवं पार्षदों को संबोधित करते हुये कहा कि पिछले वर्ष लाकडाउन के दौरान कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए उत्तर प्रदेश अन्य राज्यों में सराहनीय काम किए गए हैं। जिसके कारण प्रदेश में कोरोना संक्रमण से लोगों की बहुत कम मृत्यु हुई। प्रवासियों के आने पर तत्काल जांच करायी गयी तथा कोविड-19 के दिशा निर्देशों का पालन कराया गया। उन्हें राशन किट समय से उपलब्ध कराए गए तथा संक्रमित पाये जाने पर निशुल्क इलाज की व्यवस्था की गई। साथ ही संबंधित के बैंक खाते में आर्थिक सहायता भी भेजी गयी। राज्यपाल ने चैत्र नवरात्र एवं रमजान माह की शुभकामनाएं देते हुये कोविड-19 के प्रोटोकाल का पालन कराने एवं भीड़-भाड़ से बचने की सलाह दी। साथ ही मास्क एवं ग्लब्स का प्रयोग करने तथा दो गज की दूरी बनाये रखने की अपील की। टीकोउत्सव में शामिल होने को कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिये प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों से भी वार्ता की गयी है।
विशेष टीका उत्सव को संबोधित करते मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ लड़ाई में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश एक वर्ष से सफलता पूर्वक आगे बढ़ रहा है।इस लड़ाई में प्रदेश ने अब तक अपनी भूमिका का कुशलता पूर्वक निर्वहन किया है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई मानवता को बचाने की है। वैश्विक महामारी कोरोना के खिलाफ इस लड़ाई में भारत को विजयी बनाने में उत्तर प्रदेश की बड़ी भूमिका हो सकती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर हाल में भीड़ से बचना है। धार्मिक स्थलों पर एक साथ न जाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि नगरीय क्षेत्र में संक्रमित व्यक्ति ज्यादा मिल रहे हैं। इसलिये कंटेनमेन्ट जोन को सफलतापूर्वक लागू करने के लिये निजी संस्थाओं के साथ तेजी से आगे बढ़ना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने सभी महापौर/अध्यक्षों से अपील करते हुएकहा कि कोरोना प्रोटोकाल का अनिवार्य रूप से पालन करें तथा लोगों को पालन करने के लिये प्रेरित भी करें। उन्होंने कहा कि कल से वासंतिक नवरात्र व दो दिन बाद रमजान माह भी प्रारम्भ हो रहा है। धर्म स्थलों पर जो निर्धारित संख्या है, उससे अधिक लोग न जायें, ताकि भीड़ न हो।
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