पंचमी के भरत मिलाप में नयनाभिराम झांकियां निकाली गईं। उनका नजारा लेने के लिए दूरदराज से लोगो का हुजूम सोमवार की रात उमड़ पड़ा था। हजारों लोग मंगलवार को भोर तक सड़क की दोनों पटरियों पर झाकियां देखने के लिए खड़े रहे। शोभायात्रा में दो दर्जन से अधिक झांकियां शमिल रहीं। शहर को विद्युत झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। घंटाघर चौराहा पर साउंड सिस्टम वालों के बीच संगीत प्रतियोगिता हुई।
चौबेटोला में रात आठ बजे भरत मिलाप की लीला हुई। चारों भाइयों का मिलन हुआ तो लोगों के नयन सजल हो गए। भगवान की आरती उतारी गई। भाव में मग्न श्रद्धालु जय घोष करने लगे। चारों तरफ हर्ष छा गया। ढोल-नगाड़े बजने लगे और लोग नाचते हुए नगर भ्रमण के लिए चल पड़े। उनके पीछे आकर्षक झाकियों की कतार लग गई। नयनाभिराम झांकियों का प्रदर्शन देखकर लोग भाव विभोर हो उठे। राधा-कृष्ण की मोहक झांकी देखने के लिए लोगों में धक्कामुक्की होती रही। सभी चौराहों पर झांकी देखने वालों ने झांकियों की लाइटिंग, उसमें इस्तेमाल की गई कला का प्रदर्शन किया। मां काली, भैरव, राधा कृष्ण, शिव महिमा, भारत माता, रामदरबार आदि सुंदर झांकियां शोभायात्रा के आकर्षण का केंद्र थीं।
सभी रास्तों की दोनों पटरियों पर नगर व दूरदराज से आए लोगों भोर तक खड़े रहे। मेले में लगी खाने पीने की दूकानों पर लोगों ने परिवार व दोस्तों के साथ उसका लुत्फ उठाया। छोटे छाटे बच्चे खिलौने के लिए जिद करते देखे गए। घंटाघर चौराहा पर बाहर से आए साउंड मालिकों के बीच गानों की प्रतियोगिता हुई, बारी बारी से गाना बजाने के दौरान लोग तालियों से उनका उत्साह वर्धन करते रहे। चौबेटोला से शुरू होकर झांकी यात्रा का तुलसी का चौराहा, पेहटी का चौराहा, तेलियागंज, टटहाई रोड, मुकेरी बाजार, मुसफ्फर गंज, त्रिमोहानी, बसनई बाजार, घंटाघर, वासलीगंज, गिरधर का चौराहा, बदली कटरा होते हुए सुबह दस बजे वापस आकर समापन हुआ।