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जेट्रोफा का फल खाने से पांच छात्र बीमार

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मड़िहान। थाना क्षेत्र के जग्गनपुर प्राथमिक विद्यालय के छात्रों ने बृहस्पतिवार को जेट्रोफा के फल खा लिया। देर शाम उल्टी करने पर परिजन सीएचसी ले गए। वहां से उन्हें मंडलीय अस्पताल लाया गया। मंडलीय अस्पताल में भर्ती कर उपचार के बाद शुक्रवार को बच्चों की हालात में सुधार आया। जिसके बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
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क्षेत्र के जग्गनपुर गांव निवासी छात्र बृहस्पतिवार को प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने गए थे। इस दौरान पांच-छह छात्रों ने जेट्रोफा के फल खा लिया। शाम को बच्चों की तबीयत खराब होने लगी। बच्चे उल्टी करने लगे। इससे परिजन चिंतित हो गए। परिजन उपचार के लिए सीएचसी लेकर गए। जहां हालत बिगड़ता देख डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया।
मंडलीय अस्पताल में पांच बच्चों को भर्ती कराया गया। इसमें चार वर्षीय शिवम पुत्र शुभ, 10 वर्षीय रामबाबू पुत्र आशीष, पांच वर्षीय सूरज पुत्र मोलई, चार वर्षीय अमित पुत्र सुभाष, तीन वर्षीय सुमित पुत्र सुभाष है। रात भर उपचार चलने पर शुक्रवार की सुबह बच्चों की सेहत में सुधार आया। शुक्रवार की सुबह बच्चों की हालत ठीक होने पर उन्हें घर भेज दिया गया। प्राथमिक विद्यालय के बच्चों द्वारा आए दिन जेट्रोफा के फल का सेवन करने से बीमार होने की घटनाएं होती रहती है, पर इस ओर अंकुश नहीं लग रहा है। पूर्व में कई बार अधिकारियों ने स्कूलों के पास उगे जेट्रोफा के पौधे को हटाने वका निर्देश दिया, पर इस ओर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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जेट्रोफा फल का सेवन करने से बीमार पांच बच्चों में तीन बच्चे स्कूल के है। स्कूल की छुट्टी होने के बाद शाम को घर पर खेलते समय बच्चों ने जेट्रोफा के फल कर सेवन किया है। छानबीन में पता चला है कि बच्चे गुरुवार को स्कूल भी नहीं आए थे। -राम मिलन यादव, एबीएसए
पूर्व में आयुक्त ने भी कार्रवाई का दिया था निर्देश
मिर्जापुर। बीते चार फरवरी को देहात कोतवाली के जसोवर पहाड़ी प्राथमिक विद्यालय पर 11 बच्चे जेट्रोफा के फल का सेवन करने से बीमार हो गए थे। इस घटना के एक दिन पूर्व ही लालगंज के रामपुर अतरी गांव में मिडडे मील के भगौने में गिरकर मासूम की मौत हुई थी। जेट्रोफा के फल का सेवन करने से बच्चों के बीमार होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं दी गई थी। मामले में बीएसए ने लापरवाही बरतने के मामले में दो अध्यापकों का वेतन रोका गया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए आयुक्त प्रीती शुक्ला ने वेतन रोकने के अलावा एडी बेसिक को मामले की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया था, पर मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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