फाइलेरिया रोग संक्रमित मादा क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होता हे। किसी भी उम्र का व्यक्ति फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। मिर्जापुर जिला फाइलेरिया के लिए एंडेमिक जनपद है। जहां स्वस्थ लोगों में भी फाइलेरिया फैलाने वाले कीटाणु ( माइक्रोफाइलेरिया) हो सकते है। स्वस्थ्य दिखने वाले लोगों को भी फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाएगा। यह जानकारी शुक्रवार को नगर के मोर्चाघर स्थित सीएमओ कार्यालय के सभागार में पत्रकार वार्ता के दौरान जेडी डा. ओपी सिंह ने कहा।
जेडी ने कहा कि दो वर्ष से कम आयु के बच्चे, गर्भवती महिलाएं और गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्तियों को छोड़कर यह दवा सभी को खानी है। सीएमओ डा. पीडी गुप्ता ने कहा कि डीईसी और एल्बेंडाजोल की दवा उम्र के आधार पर व आइवरमेक्टिन की दवा लंबाई के आधार पर खिलाई जाएगी। यह दवाएं खाली पेट नहीं खानी है। इसलिए दवा खिलाने वाली टीम 12 जुलाई से सुबह 11 बजे भ्रमण करेगी। दवा स्वास्थ्यकर्मी के सामने खाना जरुरी है। जिन व्यक्तियों में माइक्रो फाइलेरिया होंगे। उनको सेवन करने के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप कभी-कभी सिर दर्द, बदन दर्द, बुखार, उल्टी व खुजली जैसे मामूली प्रतिक्रियाएं हो सकती है। ऐसा होने पर घबराएं नहीं।
आम तौर पर ये लक्षण स्वत: ठीक हो जाते है। परेशानी ज्यादा होने पर संबंधित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के रैपिड रिस्पांस टीम से संपर्क करें। प्रत्येक ब्लाक और जनपद स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम का गठन किया गया है। जिला मलेरिया अधिकारी डा. संजय द्विवेदी ने बताया कि फाइलेरिया का लक्षण हाथ, पैर स्तन या अंडकोष में सूजन होना है। ये दवा फाइलेरिया के साथ-साथ पेट के कीड़ों का भी खत्म करती है। खुजली व जूं के खात्मे के साथ स्नोफिलिया में भी गुणकारी दवा है।