गर्भगृह में होती रही मारपीट मूक दर्शक बनी रही पुलिस
गर्भगृह में हुई मारपीट की घटना ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। आखिर मंदिर में यजमानों का प्रवेश और फिर मारपीट की घटना के दौरान पुलिस कहां थी। इतना ही नहीं गर्भगृह में हुई घटना में लूट का प्रयास की भी धारा लगी है। ऐसे में पुलिस की मौजूदगी में डकैती का प्रयास होना भी प्रशासनिक व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाती है। मंदिर परिसर में, प्रवेश व निकास द्वार, गर्भगृह में पुलिस की ड्यूटी रहती है। उसके अलावा आस पास बड़ी संख्या में पुलिस की तैनाती होती है। वायरल वीडियो में एक सिपाही दिखाई दे रहा है पर वह भी मूक दर्शक बना हुआ है।
अमित पांडेय पर दर्ज हैं 21 से ज्यादा मुकदमे
अमित पांडेय पर 21 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं। 2012 में रामवृक्ष वर्मा से मारपीट के मामले में तीन वर्ष की सजा सुनाई गई थी। कोरोना काल में पुलिसकर्मियों द्वारा रोकने पर मारपीट का मुकदमा दर्ज हुआ था। इसी प्रकार दरोगा पर जानलेवा हमला करने सहित सिपाहियों से लड़ाई को लेकर भी मुकदमा दर्ज हो चुका है। जुलाई 2020 में अमित पांडेय ने श्रृंगारिया परिवार पर गर्भगृह में धारदार हथियार से हमला करने का आरोप लगाया था। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने की आलोचना विंध्याचल मंदिर के गर्भगृह में हुई घटना का वीडियो पूरे दिन सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा हजारों लोगों ने न केवल इस वीडियो को देखा वल्कि इसकी निंदा की और कठोर कार्रवाई करने की बात भी कही। कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर अपने अनुभव भी साझा किया। फेसबुक से लेकर ट्विटर, व्हाटसऐप पर यह वीडियो व संबंधित जानकारी साझा होती रही।