कार्तिक पूर्णिमा पर नगर के कचहरी घाटों पर दीपदान करने के लिए नगरवासियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सूर्यास्त होते ही गंगा घाट पर कतार में सजाए गए दीपों को जला दिया गया, जिससे पूरा घाट जगमग रोशनी से नहा उठा। गंगा घाट पर बनाए गए आकर्षक रंगोली पर जलते दीपों की छटा देखते ही बन रही थी।
गंगा घाट की सीढ़ियों पर जलते दीपों से की गई सजावट देखने शाम को नर-नारियों सहित बड़ी संख्या में बच्चे भी पहुंचे थे। सूर्यास्त होते ही गंगा घाटों पर मां गंगा की विधि-विधान से पूजन अर्चन व भव्य आरती की गई, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तजन शामिल हुए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच गंगा आरती के उपरांत कचहरी घाट की सीढ़ियों पर सजाकर रखे गए मिट्टी के दीपों को जला दिया गया, जिसकी रोशनी से पूरा घाट नहा उठा।
देव दीपावली पर गंगा घाट पर भजन कीर्तन का दौर भी अनवरत चलता रहा। कार्यक्रम के उपरांत भक्तों के बीच प्रसाद का भी वितरण किया गया। गंगा घाट पर देव दीपावली का मनोरम नजारा देेखने के लिए सायंकाल से देर रात तक भक्तों का तांता लगा रहा।