हिंदुत्व के पुरोधा श्रीराम और जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के नायक स्व. अशोक सिंघल का अस्थि कलश यात्रा जब जनपद के हनुमान नगर पहुंचा तब बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने अगवानी कर पुष्पों की वर्षा की।
विभिन्न मार्गों से होते हुए यात्रा घंटाघर के मैदान में पहुंचकर श्रद्घांजलि सभा के रूप में तब्दील हो गई। अस्थि कलश यात्रा का नगर में करीब चार दर्जन स्थानों पर पुष्प वर्षा कर हिंदू समाज के लोगों ने अंतिम विदाई की।
श्रद्घांजलि सभा को संबोधित करते हुए विहिप के पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री मनोज श्रीवास्तव ने अशोक सिंघल जी के जीवन मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए नमन किया। उन्होंने कहा कि अशोक सिंघल का जन्म 27 सितंबर 1926 को आगरा में हुआ था। उन्होंने अपना जीवन संघ कार्य के लिए समर्पित कर दिया।
उन्होंने कहा कि 1948 में सत्याग्रह कर वह जेल गए, वहां से आकर बीएचयू से अंतिम वर्ष की इंजीनियरिंग की परीक्षा देकर प्रचारक बन गए। कार्यक्रम के अंत में सभी विहिप कार्यकर्ता अस्थि कलश को नगर के बरियाघाट जाकर गंगा में प्रवाहित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला मंत्री मनोज दमकल ने किया।
इस दौरान विहिप के क्षेत्रीय संगठन मंत्री राम बिहारी, मुकेश जी, विमल प्रकाश, रामचंद्र शुक्ल, विजय बहादुर पांडेय, राज बहादुर सिंह, राही बाबा, राजेश भारती आदि रहे।