पुराने महिला अस्पताल परिसर में 100 बेड मातृ व शिशु स्वास्थ्य विंग का सीवर एक साल से है जाम
पानी निकालने के लिए नगरपालिका की ओर से चेंबर खोदा गया, पर अब तक निराकरण नहीं हुआ
मिर्जापुर। पुराने महिला अस्पताल का भवन टूटने के बाद परिसर स्थित 100 बेड के मातृ और शिशु अस्पताल के विंग का सीवर एक साल से जाम है। समस्या के निदान के लिए तीन महीने पहले चेंबर को खोलवाया गया। सीवर जाम की समस्या तो दूर नहीं हुई पर 18 फीट का गहरा चेंबर से हादसे का डर है। रात में अस्पताल के गेट के पास आने जाने वाले लोगों के लिए यह खतरनाक है।
दो वर्ष पहले जिला महिला अस्पताल परिसर के पुुराने 145 बेड के भवन में शिफ्ट किया गया। इसके बाद महिला अस्पताल के भवन को तोड़ने का काम शुरू हुआ। भवन तोड़ने वाले ठेकेदार ने वहां एक वर्ष तो भवन को तोड़ने का कार्य किया। इस दौरान परिसर से गुजरी सीवर की लाइन जाम हो गई। परिसर में 100 बेड मातृ व शिशु स्वास्थ्य विंग है। सीवर जाम होने से अस्पताल में पानी निकासी की समस्या शुरू हो गई। पानी अस्पताल परिसर में जलभराव हो गया। पानी इकट्ठा होने और सीवर जाम होने की समस्या से परेशान 100 बेड के मातृ व शिशु स्वास्थ्य विंग के सीएमएस डाॅ. एसपी सिंह ने मंडलीय अस्पताल के सीएमएस के साथ मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य को पत्र लिखा।
इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। तीन महीने पहले नगरपालिका के सहयोग से चेंबर खोलवाया गया। जाम सीवर की समस्या तो दूर नहीं हुई। 18 फीट का गहरा सीवर का चेंबर समस्या का कारण बन रहा है। अस्पताल परिसर में जहां गर्भवती महिला, प्रसूता और नवजात रहते हैं। उसके पास गंदा पानी बीमारियां तो फैला रहा है। हादसे का भी खतरा बना हुआ है। रात में कुछ बाइक सवार और अन्य लोग गिरने से बचे हैं। इसके बाद भी समस्या का निराकरण नहीं हो रहा है।
अगर कोई गिरा तो बचना होगा मुश्किल
अस्पताल के मुख्य प्रवेश द्वार के पास खुला गहरा चेंबर 18 फीट गहरा है। अगर कोई इसमें गिरा तो बच्चा ही नहीं बल्कि इंसान भी डूब जाएगा।
वर्जन
अस्पताल की सीवर लाइन जाम हो गई है। किसी तरह नगरपालिका से चेंबर खोलवाया कर साफ कराया गया, पर निकासी नहीं हो पा रही है। पांच महीने में दो बार मेडिकल काॅलेज प्रशासन को रिमाइंडर भेजा गया है। चेंबर के पास बैरिकेडिंग कराई गई थी। जो टूट गई है।
डाॅ. एसपी सिंह, सीएमएस, 100 बेड मातृ व शिशु स्वास्थ्य विंग
100 बेड मातृ व शिशु स्वास्थ्य विंग के सामने खुला चेंबर। स्रेात- संवाद- फोटो : Samvad