जिले में एक नवंबर से धान की खरीद की जा रही है। तब से लेकर अब तक कई बार धान खरीद की प्रक्रिया में बदलाव किया गया। इसमें भी सबसे अधिक बदलाव टोकन व्यवस्था में किया गया। इससे किसानों को काफी परेशानी हो रही है। हालांकि जिले में सोमवार तक 19 हजार 781 किसानों से 99 हजार 989 एमटी धान की खरीद की गई है। लेकिन टोकन व्यवस्था से सामान्य किसानों को परेशानी हो रही है।
मड़िहान : क्रय केंद्रों पर धान बेचने के लिए टोकन प्राप्त कर पाना सामान्य किसानों के वश की बात नहीं है। सुबह 10 बजे से शाम पांच बजे तक टोकन मिलने का समय निर्धारित है, लेकिन सुबह 9.58 बजे वेबसाइट खुलते ही दो मिनट में खरीद का लक्ष्य पूरा हो जाता है। टोकन प्राप्त करने के लिए किसान सहज जन सेवा केंद्रों पर बैठकर इंतजार करते रह जाते हैं। किसानों का आरोप है कि टोकन सिस्टम में हेराफेरी की जा रही है। किसानों की मांग है कि पूर्व की भांति तहसील से टोकन देने का सिस्टम लागू किया जाय। ताकि किसानों को धान का समर्थन मूल्य मिल सके। नई व्यवस्था के तहत एक किसान एक सप्ताह में एक बार में महज 60 क्विंटल धान ही बेच सकता है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी धनंजय सिंह का कहना है कि अब जो टोकन जारी किया जा रहा है, उससे धान बेचना काफी आसान हो गया है। किसान थोड़ा धैर्य रखें। सभी किसानों की धान की खरीद होगी।