लालगंज। क्षेत्र के किसान धान बेचने को लेकर के अपने नंबर की प्रतीक्षा में महीनों समय गुजार दे रहे हैं। उन्हें धान बेचना लंबे समय तक प्रतीक्षा करना मुसीबत जैसा दिखाई दे रहा है। इसलिए किसान व्यापारियों के हाथ औने-पौने दाम पर तौल दे रहे हैं।
विकासखंड के किसान धान बेचने के लिए परेशान हैं क्योंकि किसानों को 400 से लेकर 500 तक का नंबर आ रहा है। ऐसी स्थिति में किसानों के सामने गेहूं की बोआई के बाद यूरिया खाद अपनी गेहूं के पौधे को देने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यवस्था यह है कि लालगंज में तीन क्रय केंद्र पर तौल की जा रही है और नंबर की सूची देख कर के उन्हें नहीं लगता कि एक सप्ताह अथवा चार दिन के अंदर उनके धान की तौल की जाएगी। किसानों का जीविकोपार्जन महत्वपूर्ण है। किसानों के पास व्यापारी या क्रय केंद्र मात्र धान बेचने के साधन है। इस समय किसान नंबर को ले करके ज्यादा ही परेशान हो चुके हैं क्योंकि नंबर की इतनी लंबी फेहरिस्त है कि महीनों बीतने के जाएगा और तब जाकर तौल की गति देखकर लगता है उसके बाद ही नंबर उनका आएगा। रजई, कटाई, बेलहा, दुबार ,जगदीशपुर,खोमर, लहंगपुर,तुलसी,गगहरा,कोठी,मझियार,निनवार के किसान काफी पीड़ित हैं। उनकी पीड़ा यह है कि आखिर कब उनका नंबर आएगा और धान की तौल की जाएगी। किसान इंद्रमणि पांडेय कहते हैं कि नंबर के चलते परेशानी बनी हुई है। इसी प्रकार की बात कटाई गांव के शिव शंकर कहते हैं कि नंबर ही चुनौती बना हुआ है क्योंकि नंबर की सूची इतनी लंबी है इससे हताशा बढ़ रही है।