थाने पर गाेड़इत का काम करने वाले लोगों ने मानदेय को लेकर प्रदर्शन करते हुए फोटो, स्रोत संवाद
जिले के विभिन्न थानों में तैनात चौकीदारों ने बृहस्पतिवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर अपनी समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को पत्रक सौंपा। चौकीदारों ने चौकी इंचार्ज और थानाध्यक्षों पर शोषण का आरोप लगाते हुए कहा कि निर्धारित ड्यूटी के बजाय उन्हें थाने और चौकियों पर बुलाकर अन्य काम कराए जाते हैं। उन्होंने वर्तमान 2500 रुपये के मानदेय को बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की।
चौकीदारों के अध्यक्ष शंय्यू राजगढ़, कोषाध्यक्ष अमरनाथ मड़िहान और महेश यादव ने बताया कि वे अपने-अपने ग्राम पंचायतों में शासन के निर्देशानुसार चौकीदार के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय से मानदेय नहीं मिलता और सरकारी योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि चौकी और थाना प्रभारी आए दिन उन्हें थाने या चौकी पर बुलाकर मनमाने तरीके से काम कराते हैं। जब चौकीदार ग्राम पंचायत में निर्धारित ड्यूटी कराने की बात करते हैं तो उन्हें नौकरी से हटाने की धमकी दी जाती है। आरोप है कि उनसे कहा जाता है कि काम करना है तो करो, नहीं तो छोड़ दो और किसी दूसरे व्यक्ति की नियुक्ति कर दी जाएगी। इससे चौकीदारों में भय और असुरक्षा का माहौल है।
चौकीदारों ने जिलाधिकारी से मांग की कि उनकी ड्यूटी ग्राम पंचायत स्तर पर स्पष्ट रूप से निर्धारित की जाए, अनावश्यक रूप से थाने और चौकी पर बुलाकर काम कराने पर रोक लगाई जाए और मानदेय बढ़ाकर 18 हजार रुपये प्रतिमाह किया जाए। साथ ही मानदेय का भुगतान समय से कराने की व्यवस्था की जाए।
इस दौरान हरिचंद्र, फूलचंद्र, राजकुमार, भरतलाल, रामलाल, प्रभात और रामविलास समेत विभिन्न थानों के चौकीदार मौजूद रहे।