हादसा के बाद मौके पर जुटी भीड़। संवाद
जौनपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए नियम-कायदे तो खूब हैं, लेकिन उनके पालन की निगरानी व्यवस्था सवालों के घेरे में है। परिवहन विभाग और जिला प्रशासन हादसा होने के बाद सक्रिय होता है, जांच अभियान चलाता है और कार्रवाई की बात कहता है। यही कारण है कि दूसरे जिलों की पुरानी और फिटनेस फेल गाड़ियां स्कूली बच्चों को ढो रही हैं। बीते 29 जुलाई को सुजानगंज में एसएस पब्लिक स्कूल की वैन बच्चों को लेकर खाई में पलट गई थी। हादसे में 12 बच्चे, शिक्षिका और चालक घायल हुए थे। पांच साल के बच्चे को गंभीर हालत में प्रयागराज रेफर करना पड़ा था। जांच में वैन प्रतापगढ़ की निकली और उसकी फिटनेस साल 2014 से ही फेल हो चुकी थी। चालक अरुण कुमार गौतम का लाइसेंस निलंबित किया गया था। वाहन की आरसी निरस्त करने के लिए प्रतापगढ़ आरटीओ को पत्र भेजा गया। हादसे के अगले ही दिन जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को पत्र भेजकर जिले के सभी स्कूली वाहनों की जांच करने के निर्देश दिए थे। उसका कोई असर नहीं हुआ। संवाद