मिर्जापुर। पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में शारीरिक परीक्षण के तीसरे दिन शनिवार को पहुंची एक महिला अभ्यर्थी के अभिलेखों की जांच में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का फर्जी ताम्र पत्र मिला। उस पर जिलाधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर थे। पुलिस फर्जी हस्ताक्षर कर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का ताम्र पत्र बनवाए जाने की आशंका पर जांच में जुट गई है। जांच के लिए टीमों का गठन किया गया है।
उधर, शारीरिक परीक्षण में सात अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। एक अभ्यर्थी वजन अधिक होने और एक लंबाई कम होने पर अनफिट घोषित की गई। 51 महिला अभ्यर्थियों का शनिवार को शारीरिक मानक परीक्षण और अभिलेखों की जांच की जानी थी। एएसपी ऑपरेशन ओपी सिंह, सीओ चुनार मंजरी राव की निगरानी में अभिलेखों का परीक्षण किया गया। सुबह करीब साढ़े आठ बजे अभ्यर्थी लाइन में लगकर परीक्षण कक्ष में गए। वहां जांच की गई। सीओ चुनार मंजरी राव ने बताया कि उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी नागरिक पुलिस के पदों पर सीधी भर्ती-2023 की लिखित परीक्षा के आधार पर चयन प्रक्रिया के अगले चरण में अभिलेखों की जांच व शारीरिक मानक परीक्षण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सात अभ्यर्थी अनुपस्थित रहीं। एक महिला अभ्यर्थी का वजन अधिक मिरा और दूसरे की लंबाई कम थी। एक महिला अभ्यर्थी के अभिलेखों की जांच के दौरान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी का ताम्र पत्र मिला। जिसकी जांच की गई तो वह प्रथम दृष्टया फर्जी पाया गया। अभ्यर्थी से पूछताछ की गई। ताम्र पत्र में जिलाधिकारी का हस्ताक्षर फर्जी था। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
खुटार के गांव सरेली के पास गन्ना भरते श्रमिक और रखवाली करता दूसरा श्रमिक। संवाद
खुटार के गांव सरेली के पास गन्ना भरते श्रमिक और रखवाली करता दूसरा श्रमिक। संवाद