चैत्र नवरात्र मेले के शुरू होने में महज पांच दिन शेष रह गए हैं, लेकिन तैयारियां जोर नहीं पकड़ रही हैं। अभी तक गंगा घाटों सहित प्रमुख गलियाें व सड़काें पर साफ-सफाई शुरू हो पाई है और न ही शुद्ध पेयजल और प्रकाश का प्रबंध कहीं दिखाई दे रहा है। विंध्याचल मंदिर तक जाने वाली सभी क्षतिग्रस्त मार्गों पर मरम्मत कार्य भी अभी आरंभ नहीं हो पाया है, जिससे श्रद्धालुओं को हिचकोले खाना पड़ेगा।
नवरात्र मेले की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को आयुक्त ने बैठक कर समस्त अधिकारियों को सख्त हिदायत दी है कि चार अप्रैल तक मेले की संपूर्ण तैयारी हो जानी चाहिए, लेकिन कार्य की गति इतनी धीमी है कि नवरात्र तक तैयारी कैसे पूर्ण होगी यह समय ही बताएगा।
वर्तमान समय न्यू वीआईपी रोड व पुरानी वीआईपी रोड पर प्लास्टिक के लगे टीन शेड मुंह चिढ़ा रहे हैं, वहीं भट्ट की गली, सेंट्रल बैंक गली, नाहर की गली, त्रिमोहानी गली, पश्चिम मुहाल गली, रामजी की गली, बावली गली एवं कोतवाली गली में जगह-जगह कूड़े का अंबार लगा हुआ है, जिससे भक्ताें को आवागमन में परेशानी होगी। गंगा घाटों पर अस्थाई शौचालय बनाने के नाम पर सिर्फ बांस-बल्ली गाड़कर छोड़ दिया गया है।
गंगा घाटों पर साफ-सफाई व प्रकाश व्यवस्था के साथ ही प्रकाश व महिलाओं के वस्त्र बदलने के लिए कोई व्यवस्था शुरू नहीं हो पाई है। रोडवेज परिसर सहित प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में चहुंओर गंदगी का आलम है, वहीं विंध्यधाम गलियों की जाम पड़ी नालियों को दुरूस्त नहीं कराया जा रहा है।
अष्टभुजा पहाड़ पर मेले के मद्देनजर अभी तक कोई तैयारी नहीं शुरू हो पाई है। उधर शास्त्री सेतु से बरतर तिराहा और बरतर तिराहा से पंटेगरा नाला तक तथा पंटेगरा नाला से शिवपुर के रामगयाघाट तक सड़क की हालत अत्यंत जर्जर अवस्था में है।