मंडलीय अस्पताल के जांच केंद्र पर लगी भीड़ स्रोत -संवाद
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मिर्जापुर। किसी भी प्रकार के दर्द में बिना डॉक्टर की सलाह के दर्द निवारक गोली का सेवन करना किडनी और लिवर की मरीजों की संख्या बढ़ा रहा है। मंडलीय अस्पताल में ही नेफ्रोलॉजिस्ट के पास आने वाले 100 में से 10 मरीज किडनी की बीमारी से ग्रसित रहते हैं। अधिकांश को फैटी लिवर की भी समस्या है।
मंडलीय अस्पताल के नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. आनंद कुमार सिंह ने बताया कि किडनी (गुर्दे) का मुख्य काम रक्त को छानकर विषाक्त पदार्थों, अतिरिक्त पानी और यूरिया को मूत्र के रूप में शरीर से बाहर निकालना है। शुगर और बीपी के मरीजों में किडनी की समस्या होने का खतरा अधिक रहता है।
किडनी की बीमारी आनुवांशिक कारणों से भी होती है। कम उम्र के लोगाें की किडनी खराब होने पर डायलिसिस कराना पड़ता है। इसके अलावा बिना डॉक्टरी सलाह के तबीयत खराब होने पर सही जांच न कराकर झाेलाछाप से इलाज कराने पर भी किडनी की समस्या होती है।
किडनी की समस्या होने पर मरीज को पेशाब में इंफेक्शन, किडनी में बार-बार पथरी बनना, गर्म क्षेत्रों में कम पानी का सेवन करना, कीटनाशक के प्रयोग वाली सब्जियों का सेवन करना भी किडनी की बीमारी को जन्म देती है। ओपीडी में हर दिन 100 मरीजों में 10 किडनी की मरीज आ रहे हैं।