फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोरोना से ठीक होने के बाद भी आती है कई समस्याएं

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। कोरोना से ठीक होने के बाद भी सजग रहने की जरूरत है। पोस्ट कोविड सिंड्रोम के लक्षण कई महीने तक रह सकते हैं। कई लोगों की ठीक होने के बाद भी जान जा रही। वायरस सबसे पहले फेफड़ों को प्रभावित करता है लेकिन यह किडनी, लिवर और रक्त वहिनियों को भी प्रभावित कर सकता है। कोरोना संक्रमण पश्चात कई मरीजों में नसों में सुन्नपन भी आ रहा। अवसाद, भूलने की बीमारी जैसे लक्षण देखे जा रहे। कोरोना वायरस ब्रेन एवं तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित कर रहा।
विज्ञापन

कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि कोविड संक्रमण के दौरान कुछ मरीजों में ऑक्सीजन की काफी कमी हो जाती है। इससे मरीज के मस्तिष्क पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ता है। इस स्थिति को हाईपोक्सिक ब्रेन इंजरी कहा जाता है और इसके होने पर मरीज की रिकवरी में काफी दिक्कतें आती हैं। इसके अलावा कोरोना संक्रमण के बाद सिरदर्द, लकवा व मिर्गी की संभावना बढ़ जाती है। सूंघने की क्षमता का कम होना, थकावट व कमजोरी, याददाश्त में कमी, शरीर के किसी अंग का सुन्न पड़ना, नींद न आने जैसी समस्या देखी जा रही। इस समय कोरोना से ठीक होने वाले मरीजों में ब्लैक फंगस की समस्या भी आ रही। पर यह उन्हीं मरीजों को हो रहा है जो ज्यादा दिन तक वेंटिलेटर पर रहे। और स्टेरायड लिया। नाक से शुरू होकर ब्लैक फंगस मस्तिष्क तक चला जाता है। पोस्ट कोविड रिकवरी प्रोग्राम में मरीज के लक्षणों का सही निदान एवं उपचार, फिजियोथेरेपी व पोषण संबंधित सलाह के माध्यम से नियंत्रित कर मरीज को जल्द से जल्द रिकवर करने की कोशिश की जाती है। जो लोग पहले से ही न्यूरो संबंधी बीमारी से ग्रसित हैं और कोरोना की चपेट में आए हैं, उन्हें पोस्ट कोविड रिकवरी प्रोग्राम की और भी आवश्यकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें