मिर्जापुर। उद्योग की सहायता के लिए कई सरकारी योजनाएं हैं। इसमें सब्सिडी मिलती हैं। उद्यमी इसका फायदा उठा सकते हैं। संयुक्त आयुक्त उद्योग वीरेंद्र कुमार ने ये बातें कहीं। महंत शिवाला स्थित एक होटल में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन मिर्जापुर चैप्टर की मंथन बैठक को बुधवार को वह संबोधित कर रहे थे।
संयुक्त आयुक्त उद्योग ने कहा कि उद्योग विभाग टेक्नोलॉजी अपग्रेडेशन योजना के तहत 3 साल से ऊपर से चल रही इंडस्ट्री को कई तरह का लाभ दिया जाता है। इसमें नई मशीनरी व तकनीकी अपग्रेडेशन पर सहायता के रूप में सब्सिडी प्रदान की जाती है। इसी तरह, ओडीओपी के तहत भी कई योजनाएं संचालित हैं। उद्यमी और निर्यातक इसका लाभ उठा सकते हैं। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के चैप्टर चेयरमैन मनोज खंडेलवाल ने कहा कि इस समय इंडस्ट्री लगाने के लिए कोई इंडस्ट्रियल स्टेट नहीं है। इससे उद्यमियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नया औद्योगिक क्षेत्र हनुमान पड़रा में चिह्नित किया गया है मगर वहां उद्योग लगाने में उद्यमियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वहां नक्शा पास होने में भी दिक्कत है। आईआईए के मंडलीय सचिव मोहनदास अग्रवाल, कल्याण अग्रहरि ने उद्योग में आ रही परेशानियों के बारे में बताया। आशीष बुधिया ने उद्योग से संबंधित समस्याएं व नया इंडस्टि्रयल एस्टेट बनाने के बारे में राय दी। इस दौरान कैलाश सिंह, रवींद्र पाल सिंह, कल्याण अग्रहरी, अश्वनी जैन, अनुज जायसवाल आदि उद्यमी मौजूद रहे।