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मिर्जापुर: विश्व गौरैया दिवस पर गौरैया के संरक्षण पर दिया जोर

Sun, 20 Mar 2022 11:42 PM IST
वाराणसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, मिर्जापुर

सार

विश्व गौरैया दिवस पर रविवार को मिर्जापुर में जगह-जगह गोष्ठी का आयोजन किया गया।  जोगियाबारी स्थित प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय सहित समस्त वन रेंज में गोष्ठी का आयोजन कर गौरैया संरक्षण पर जोर दिया गया।
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गौरेया - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व गौरैया दिवस पर रविवार को मिर्जापुर में जगह-जगह गोष्ठी का आयोजन किया गया।  जोगियाबारी स्थित प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय सहित समस्त वन रेंज में गोष्ठी का आयोजन कर गौरैया संरक्षण पर जोर दिया गया। जोगियाबारी स्थित वन विभाग के मौलश्री सभागार में प्रभागीय वनाधिकारी पीएस त्रिपाठी की अध्यक्षता में गौरैया संरक्षण पर चर्चा की।

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डीएफओ ने गौरैया को पर्यावरण से जोड़ते हुए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। इस मौके पर समस्त अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे। लालगंज, रेंज कार्यालय परिसर में आयोजित गोष्ठी में गौरैया को प्रकृति का खूबसूरत पंछी बताते हुए संरक्षण पर जोर दिया। रेंजर के के सिंह ने कहा गांव स्तर पर अभियान चलाकर लोगों को जागरूकता किया जाएगा।
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इस अवसर पर विनेंद्र यादव, दशमी यादव, आरपी मौर्य, पिंटू, अवधेश,प्रदीप, राजकुमार, चंद्रजीत के साथ ग्रामीण और कर्मचारी उपस्थित रहे। हलिया, रेंज कार्यालय आयोजित गोष्ठी में वन क्षेत्राधिकारी रामनारायण ने ग्रामीणों और समस्त कर्मचारियों को सुझाव देते हुए लोगों को अपने-अपने घर के आस-पास इनके लिए दाना-पानी का इंतजाम करने पर जोर दिया।

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गौरैया मित्र बनाकर विंध्य सेवा मंच ने लोगों को दिए लकड़ी का घोसला

विश्व गौरैया दिवस पर विंध्याचल स्थित शेरकोठी में सामाजिक संस्था विंध्य सेवा मंच की ओर से गौरैया मित्र बनाए गए। संस्था के महासचिव जादूगर रतन मिश्र की ओर से ऐसे मित्रों को निर्मित गौरैया फ्रेंडली लकड़ी का बना घोसला वितरण कर लोगों को गौरैया मित्र बनाया गया। विंध्य सेवा मंच के महासचिव ने लोगों से नन्हीं पंक्षी को बचाने के लिए आगे आने को कहा गया।

आपको बता दें संस्था की ओर से गौरैया बचाओ अभियान विगत ढाई दशक से चलाया जा रहा है। इस अवसर पर संस्था प्रवक्ता त्रियोगी मिट्ठू मिश्र ने लोगों को गौरैया बचाने का संकल्प दिलाते हुए कहा कि अगर हम सब आज गौरैया को बचाने की पहल नहीं करेंगे तो हमारे बच्चे भविष्य में सिर्फ गौरैया को गूगल करतें दिखेंगें और गौरैया विलुप्त हो सिर्फ किताबों तक ही सिमट जाएगी।

मिट्ठू मिश्र ने लोगों को आवाह्न करते हुए अपने निवाले में से गौरैया को दो चार दाना प्रदान किए जाने की बात कही। कवि इरफान कुरैशी ने अपनी रचना के माध्यम से कार्यक्रम में चार चांद लगाया। इस अवसर पर डॉ. निर्मला पांडेय, संजय पांडेय, सुधाकर अवस्थी, सुजीत मिश्र, शशांक मिश्र व मानस मिश्र आदि मौजूद रहे।
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