मिर्जापुर। गर्मी बढ़ने के साथ बिजली कटौती भी बढ़ गई है। नगर में 12 से 14 तो ग्रामीण क्षेत्रों में 8 से 10 घंटे ही मिल रही है। रोस्टर के अनुसार बिजली आपूर्ति का दावा बेमानी साबित हो रहा है। वहीं, ट्रांसफार्मर जलने और फॉल्ट के कारण बार-बार बिजली गुल होने की समस्या बढ़ गई है। ऐसे में पेयजल आपूर्ति भी बाधित हो रही है। वहीं, लोगों के इन्टवर्टर बंद हो जा रहे हैं।
मंडल मुख्यालय होने के कारण नगर में 24 घंटे और ग्रामीण क्षेत्रों में 18 घंटे विद्युत आपूर्ति का रोस्टर है। गर्मी बढ़ने के साथ रोस्टर फेल हो गया है। कब कहां बिजली कट जाएगी, कुछ पता नहीं। अभियंता फोन उठाते भी नहीं हैं। नगर में कई दिनों से दिन में कटौती हो रही थी लेकिन दो-तीन दिनों से रात में भी कटौती शुरु हो गई है। दिन में तो आठ- आठ घंटे की कटौती हो रही है। रविवार से रात मेंं भी दो-तीन घंटे की कटौती हो रही है। पटेहरा: विकास खंड क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती व लो बोल्टेज से किसान के साथ ग्रामीण भी परेशान हैं। बिजली कटौती का कोई समय निर्धारित नही है। कभी भी अचानक रोस्टिंग हो जाती है। 24 घंटे में बड़ी मुश्किल से 10 से 12 घंटे ही बिजली मिल पाती है । जमालपुर: क्षेत्र में 12 से 14 घंटे बिजली मिल रही है लो वोल्टेज के वजह काफी दिक्कत हो रही है
सुबह आठ बजे से शाम तीन बजे तक बिजली रहती है। उसके बाद शाम सात बजे से सुबह पांच बजे तक बीच बीच में कटौती जारी रहती है। सीखड़ ब्लॉक में छह घंटे से ज्यादा कटौती हो रही है। वहीं, पड़री ब्लॉक में भी चार घंटे से ज्यादा कटौती हो रही है। अहरौरा क्षेत्र में भी बिजली व्यवस्था ध्वस्त है। बार-बार कटौती से लोग परेशान हैं। इलाके में 12 घंटे ही बिजली मिल रही है। वहीं, जिगना के छानबे क्षेत्र में छह घंटे की कटौती हो रही है। ट्रांसफार्मर पहले की तरह ही जल रहे है।लेकिन बदलने मे समय लग रहा है। हलिया: थाना क्षेत्र के अदवा फीडर हलिया फीडर देवरी फीडर में 18 घंटे बिजली सप्लाई होनी चाहिए। जबकि कटौती लगभग पांच घंटे रात तथा पांच घंटे दिन में हो रही है। लो वोल्टेज की समस्याएं बनी हुई हैं। चुनार: नगर में 18 घंटे से अधिक व ग्रामीण क्षेत्रों में 16-17 घंटे बिजली की आपूर्ति मिल रही है।सुबह शाम मिलाकर तीन घंटे कटौती का शिड्यूल है लेकिन जर्जर तार व अन्य तकनीकी खराबी के चलते बीच बीच में भी आपूर्ति बाधित हो रही है। उप खंड अधिकारी जयकार पटेल ने बताया कि गर्मी के चलते भी आपूर्ति प्रभावित हो रहा है। चेतगंज: विद्युत उपकेंद्र से बिजली 16 घंटे मिल रही है। उसमें भी बीच-बीच में कटौती रात और दिन में होती है जिससे ग्रामीणों को पानी गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कलवारी: ग्रामीण क्षेत्र में 18 घंटा बिजली मिलनी चाहिए जिसमें 14 घंटा मिल रही है। बिजली बीच-बीच में काट भी दिया जा रहा है। चील्ह: विद्युत उपकेंद्र चील्ह फीडर से बिजली लगभग 16 घंटे मिल रही है। बीच-बीच में कटौती भी थोडी देर के लिए हो जाती होती है। ग्रामीणों को गर्मी में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रात को बिजली गुल होने से ग्रामीणों की समस्या और बढ़ जाती है। लालगंज: दिन में तीन से चार घंटे ही बिजली मिल रही है। कटौती के बाद रात में आपूर्ति शुरू होती है। अधीक्षण अभियंता रामदास ने कहा कि इस समय फाल्ट अधिक हो रहे हैं। इसके चलते विद्युत आपूर्ति प्रभावित होती है।