लालगंज। जिले में एक गांव ऐसा भी है जहां प्रधान पद के प्रत्याशी की जब जीत की घोषणा हुई तो जश्न की जगह लोगों की आंखें नम हो गईं। दरअसल जीत हासिल करने वाले प्रधान प्रत्याशी की दो दिन पहले एक मई को मौत हो गई थी। सोमवार को उसने 306 वोटों के साथ जीत हासिल की।
विकासखंड गंगासायर गांव के प्रधान पद के प्रत्याशी रामचंद्र मौर्य की एक मई, शनिवार को उपचार के दौरान मौत हो गई थी। इससे परिजन और समर्थक शोक में डूबे हुए थे लेकिन जब चुनाव परिणाम आया तो प्रत्याशी को जीत हासिल हुई। लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि खुशी मनाएं या शोक। इस विजय ने समर्थकों समेत परिजनों में खुशी और गम दोनों का एहसास कराया। लोग परिजनों को ढांढस बंधाते रहे। लोग यह चर्चा करते रहे कि काश सबकुछ अच्छा होता। खास बात ये रही कि मतगणना कराने पहुंचे एजेंट भी परिणाम आने के बाद मायूस दिखे।
प्रत्याशी के निधन के बाद आया परिणाम, मिली जीत
हलिया। भाग्य के सामने हर कोई मजबूर होता है। हलिया में ऐसा ही उदाहरण देखने को मिला। जहां मतगणना के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य प्रत्याशी की तबीयत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। बाद में प्रत्याशी के विजय की सूचना आई। पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल रहा।
हलिया विकास खंड के सगरा गाँव निवासी अवध लाल अग्रहरि (40) क्षेत्र पंचायत सदस्य सगरा वार्ड से प्रत्याशी थे। रविवार को मतगणना के दौरान हल्का बुखार से तबीयत बिगड़ गयी। परिजन आनन फानन में युवक को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जा रहे थे की रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। जबकी गणना के बाद प्रत्याशी को विजय भी मिल गयी है। मौत की सूचना पर परिजनों में कोहराम मच गया है। वहीं प्रत्याशी समर्थकों में भी शोक की लहर दौड़ गई है।