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ऑक्सीजन न मिलने पर कोविड मरीज की मौत, परिजनों ने की तोड़फोड़

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मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल परिसर के 150 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में बने कोविड के एल-टू अस्पताल में भर्ती वृद्ध की सोमवार की दोपहर मौत होने पर परिजनों ने ऑक्सीजन नहीं मिलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। अस्पताल में तोड़फोड़ कर दरवाजों के शीशे तोड़ दिये। सूचना पर शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच कर परिजनों को समझाया। तोड़फोड़ की सूचना पर सीओ सिटी, सीएमओ, एसआईसी, एडीएम व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने वार्ता के बारे कोविड अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने का निर्देश दिया।
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लालगंज थाना क्षेत्र के नदौली-करौदी गांव निवासी 71 वर्षीय वृद्ध की रिपोर्ट पाजिटिव आने पर एक मई को एल-टू अस्पताल में भर्ती किया गया। 50 बेड का एल-टू अस्पताल ट्रामा सेंटर में है। जिसमें वेंटिलेटर की सुविधा है, जो डाक्टर के अभाव में मरीजों को नहीं मिल पा रही है। इसके सामने 150 बेड के निर्माणाधीन अस्पताल में 25 बेड का और लगाया गया है। जहां पर मरीजों को भर्ती किया जा रहा है। 71 वर्षीय वृद्ध यहीं पर भर्ती थे। दोपहर में उनकी हालत खराब हुई। जिसके बाद उनकी मौत हो गई। मौत होने पर पहुंचे आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल में हंगामा करते हुए तोड़-फोड़ किया। अस्पताल के गेट का शीशा आदि तोड़ दिया। परिजनों का आरोप था कि उनके पिता की हालत में सुधार आया था। उनको कंस्ट्रेटर से ऑक्सीजन दिया जा रहा था। सुबह लाइट कटने पर मशीन नहीं चलने पर ऑक्सीजन नहीं मिल रहा था। ऑक्सीजन न मिलने के चलते उनकी मौत हुई है।
सूचना पर सीओ सिटी प्रभात राय, सीएमओ डा. पीडी गुप्ता, एसआईसी डा. कमल कुमार मौके पर पहुंचे। इसके बाद एडीएम यूपी सिंह भी पहुंचे। सीओ सिटी प्रभात राय ने बताया कि मौत होने पर परिजनों ने तोड़-फोड़ की। अधिकारियों से वार्ता के बाद सुरक्षा बढ़ाई गई है। सीएमओ के तहरीर देने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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डाक्टर ने वीआईपी व्यवस्था से परेशानी का लगाया आरोप
मिर्जापुर। तोड़फोड़ होने के बाद पहुंचे अधिकारियों ने एल-टू के प्रभारी और उसमें कार्यरत डाक्टर से बात कर समस्या को जाना। इस संबंध में वहां मौजूद डाक्टर ने खुद व्यवस्था की पोल खोल कर रख दिया। बताया कि वे सभी मरीजों को एक समान व्यवस्था देना चाहते हैं, पर वीआईपी कल्चर के आगे वे कुछ नहीं कर पाते हैं।
बंद हो जाता है पंखा
मिर्जापुर। एल-टू अस्पताल में भर्ती मरीजों का आरोप है कि अस्पताल के अंदर व्यवस्था बहुत खराब है। वहां पर पंखा बंद हो जाता है। कई घंटे पंखा बंद रहता है। ऐसे में मरीज जो ऑक्सीजन मिलने के बाद स्वस्थ होते है, वे पंखा आदि न चलने पर फिर से ऑक्सीजन की समस्या से ग्रसित होने लगते है। अस्पताल में लाइट कटने के बाद जनरेटर की भी व्यवस्था नहीं की जाती है। एसआईसी के मुताबिक 24 घंटे बिजली की व्यवस्थ है।
तीमारदार अस्पताल के अंदर तक ले जाते हैं खाना
मिर्जापुर। एल-टू अस्पताल में भोजन आदि की व्यवस्था सही न होने पर मरीज घर से भोजन मंगा रहे हैं। मरीजों के तीमारदार को अस्पताल के गेट तक टोकन जारी किया गया है, पर तीमारदार अंदर तक भोजन देने जाते हैं। डाक्टर और स्टाफ का कहना है कि पुलिस उनको रोके। पुलिस का कहना है कि उनके पास टोकन रहता है, तो कैसे रोके। विवाद के बाद जब अधिकारी मौके पर पहुंचे थे तो उसी समय कई लोग भोजन लेकर पहुंचे थे। एक व्यक्ति तो पानी लेकर पहुंचा, बताया कि वह कोविड मरीज के साथ रह रहा है। अधिकारियों ने उसे तुरंत बाहर जाने के लिए कहा। इसी से अस्पताल की व्यवस्था का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एल-टू अस्पताल में भर्ती वृद्ध की मौत होने पर परिजनों ने तोड़फोड़ किया। मरीज अस्पताल आया था तो उसकी हालत खराब थी। उसके परिजनों को रेफर कर एल-थ्री अस्पताल ले जाने के लिए बताया गया था। ऑक्सीजन न मिलने का आरोप गलत है, ऑक्सीजन की कमी नहीं है।
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- डा. पीडी गुप्ता, सीएमओ
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