मिर्जापुर। विंध्य पंडा समाज ने विंध्यवासिनी मंदिर के शृंगारिया के बेटे और भतीजे समेत आठ लोगों को 15 दिन के लिए प्रतिबंधित कर दिया है। शुक्रवार को समाज के अध्यक्ष और मंत्री ने विज्ञप्ति जारी कर इनके मंदिर में पुरोहिती और मां विंध्यवासिनी का शृंगार पूजन करने पर रोक लगा दी है। पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले दिनों हुईं मारपीट की घटनाओं की जांच के बाद यह निर्णय लिया गया है। वहीं, शृंगारिया ने इसे एकतरफा कार्रवाई बताते हुए फैसले पर आपत्ति जताई है।
चार जुलाई को मां विंध्यवासिनी मंदिर के गर्भगृह में और 23 जुलाई को मंदिर के पास एक दुकान में मारपीट हुई थी। दोनों घटनाओं के वीडियो वायरल होने के बाद लोगों ने आलोचना की। श्रीविंध्य पंडा समाज ने दोनों घटनाओं की जांच कराने का दावा किया है। पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि गर्भगृह में मारपीट की घटना की जांच के बाद दोनों पक्षों के पांच लोगों को 15 दिन के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
जिनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, उनमें शृंगारिया शिवजी के बेटे शिवांजू और उनके भतीजे सत्यकाम मिश्रा के अलावा दूसरे पक्ष के अमित पांडेय, सुमित पांडेय और नवनीत पांडेय शामिल हैं। वहीं, 23 जुलाई को मारपीट की घटना में शामिल निवेदित भट्ट और दूसरे पक्ष के उत्सव व उत्तम पांडेय को प्रतिबंधित किया गया है। अध्यक्ष ने बताया कि इस अवधि में ये लोग पुरोहिती और शृंगार पूजन से दूर रहेंगे।
अध्यक्ष के साथ मंत्री भानु पाठक की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि इनके कृत्य से समाज और मंदिर की मर्यादा धूमिल हुई है। वहीं, शृंगारिया विश्व मोहन मिश्रा उर्फ शिवजी ने कहा कि पंडा समाज केवल तीर्थ पुरोहितों को पुरोहिती करने से रोक सकता है। शृंगारिया को रोकने का अधिकार उनके पास नहीं है। उन्होंने जांच में शामिल लोगों पर भी सवाल उठाए।
इनसेट -
केस - 1
23 जुलाई को पाकरतर निवासी बड़े शृंगारिया विश्व मोहन मिश्रा उर्फ शिवजी अपने बेटे शिवांजू मिश्रा के साथ मंदिर के गर्भगृह में मां की शयन की तैयारी कर रहे थे। आरोप है कि रात 11:55 बजे अमित पांडेय अपने भाई सुमित पांडेय, नवनीत पांडेय और कुछ अन्य लोगों के साथ गर्भगृह में यजमानों को दर्शन कराने पहुंचे। विवाद होने पर दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। पुलिस ने तीन नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
केस - 2
23 जुलाई को दक्षिणा के पैसे के बंटवारे को लेकर मंदिर के बाहर एक दुकान में दो पक्षो में मारपीट हो गई थी। एक पक्ष ने कैंची से हमला कर पंडा निवेदित भट्ट को घायल कर दिया था। सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मंदिर और आसपास लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए बृहस्पतिवार को एसएसपी सोमेन बर्मा ने धाम चौकी प्रभारी राजकुमार पांडेय समेत 24 पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया था।