ईंट भट्ठा संचालक मनमाने तरीके से काम कर रहे हैं। बिना स्वच्छता प्रमाण पत्र लिए व बगैर रायल्टी जमा किए मिट्टी का खनन धड़ल्ले से किया जा रहा है। रोक के बावजूद ईटों की पथाई करते हुए पाए जाने पर जिलाधिकारी ने चुनार व सदर तहसील के आठ ईट भठ्ठा मालिकों पर मुकदमा दर्ज कराने का निर्देश खनन अधिकारी को दिया है। इस मामले में विभिन्न थानों में मुकदमा दर्ज भी करा दिया गया है।
जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने जनपद के समस्त ईंट भट्ठा मालिकों को निर्देशित किया था कि बिना स्वच्छता प्रमाण पत्र लिए तथा बगैर रायल्टी जमा किए कोई भी भट्ठा मालिक मिट्टी का खनन कर ईटों की पथाई नहीं करेगा। डीएम के रोक लगाने के बावजूद जिले के भट्ठा मालिक मिट्टी का खनन कर ईटों की पथाई करते रहे। इसकी शिकायत मिलने पर उन्होंने खान अधिकारी, एसडीएम सदर व चुनार, सीओ सदर व चुनार की एक टीम गठित कर इसकी जांच करते हुए गलत पाए जाने पर इनके विरुद्ध कार्रवाई करने का निर्देश दिया था।
जिसकी जांच करने पर तहसील सदर के जय ईंट उद्योग नरैना, रामापुर में स्थापति मेसर्स अंकित ईट भट्ठा, सिनहर कला में के रोचक ईंट उद्योग, लप्सी के मेसर्स मंयक प्लस ईंट भट्ठा, सिंदुरिया कलना के बजरंग ईट भट्ठा, नेगुराबान सिंह में स्थित विशार्ल इंट भट्ठा, भिलगौर के विकास ईट भट्ठा के खिलाफ संबंधित थाने में मुकदमा पंजीकृत कराया। इसके अलावा चुनार तहसील के शिवानी ईंट भट्ठा के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि बाद भी भट्ठे पर शौचालय नहीं बनवाया गया। पर्यावरण और खनन के मानकों को नहीं पूरा किया तो उनके ईंट भट्ठे को सीज कर दिया जाएगा।