- ईरान में युद्ध के दौरान दो बार बढ़ चुके हैं व्यावसायिक गैस सिलिंडरों के दाम, ग्राहकों की जेब पर पड़ रहा है असर
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। ईरान-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के चलते व्यावसायिक सिलिंडरों के दाम बढ़ गए हैं। इसका सीधा और व्यापक असर शहर के रेस्टोरेंट कारोबार पर दिखाई देने लगा है। सिलिंडर के दाम बढ़ने और आपूर्ति प्रभावित होने से होटलों में भोजन के दाम 10 से 15 फीसदी तक बढ़ गए हैं। नतीजन, ग्राहकों की संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है।
शहर के कई रेस्टोरेंट अब महंगी गैस के साथ-साथ इलेक्ट्रिक चूल्हे और कोयले की भट्ठी पर भोजन तैयार करा रहे हैं। इसके बावजूद खाने-पीने की वस्तुओं के दाम में 10 से 15 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जिससे आम लोगों की जेब पर बोझ बढ़ गया है। शनिवार को शहर के दो रेस्टोरेंट और दो गैस एजेंसियों पर की गई पड़ताल में हालात चिंताजनक मिले। मिर्जापुर रेलवे स्टेशन के प्रवेश द्वार पर स्थित रेल कोच न्यू रेस्टोरेंट और मैजेस्टिक रेस्टोरेंट में ग्राहकों की संख्या पहले की तुलना में कम दिखी। वहीं विंध्यवासिनी और नीलकमल के पास स्थित इंडियन गैस एजेंसियों पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए लोगों की भीड़ लगी रही। इसी तरह शहर के तमाम रेस्टोरेंटो और गैस एजेंसियों की हालत इस समय बनी हुई है। इस पर व्यापारियों का कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात और बिगड़े तो आने वाले समय में महंगाई और बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।
कोट
डीएसी नंबर आने के बावजूद गैस नहीं मिल रही है, जबकि बाजार में ब्लैक में दो हजार रुपये से अधिक में सिलेंडर उपलब्ध है।
राजेश गुप्ता, उपभोक्ता
गैस एजेंसियां पर जानबूझकर सिलिंडर की आपूर्ति नहीं कर रही हैं, इससे लोगों का घर चलाना मुश्किल हो गया है।
जगदीश, तिवारीपुर
पहले जहां गैस सिलिंडर 2200 रुपये में मिलता था, अब उसकी कीमत 3200 रुपये तक पहुंच गई है। ब्लैक में यही सिलिंडर 4000 रुपये तक में मिल रहा है। गैस की कमी के चलते रेस्टोरेंट अब कोयले की भट्ठी पर निर्भर हो गया है और कई व्यंजन जैसे डोसा, भटूरे, पूड़ी-सब्जी व चिली पनीर बंद करने पड़े हैं। फिलहाल पराठे, छोले और समोसा ही सीमित मात्रा में तैयार किए जा रहे हैं। महंगाई के चलते कीमतों में 15 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
शुभम मिश्रा, कर्मचारी,रेल कोच रेस्टोरेंट
पनीर, सब्जी, चावल और रोटी के दाम में भी करीब 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। ग्राहकों की संख्या घटने के साथ लोग अब कम आइटम ऑर्डर कर रहे हैं। रेस्टोरेंट में 50 प्रतिशत गैस और 50 प्रतिशत इंडक्शन व कोयले के सहारे खाना बनाया जा रहा है।
शिवम गुप्ता, कर्मचारी,मैजेस्टिक रेस्टोरेंट