एक्सीडेंट जोन के रूप में चिन्हित ड्रमंडगंज घाटी का बड़का मोड़।-संवाद।
ड्रमंडगंज। रीवा-मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर ड्रमंडगंज घाटी का बड़का मोड़ सड़क हादसों का खतरनाक जोन बन गया है। पुलिस विभाग से मिली जानकारी के अनुसार यहां सालाना 60 से ज्यादा लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में जान जाती है।
यहां एक के बाद एक भीषण हादसों में लोगों की जान जा रही है, लेकिन दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जिम्मेदार विभागों की व्यवस्था अब तक सवालों के घेरे में है। ब्रेक फेल होने के बाद ढलान पर अनियंत्रित होने वाले भारी वाहन अक्सर मौत बनकर सामने आ जाते हैं।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बड़का मोड़ और उसके आसपास होने वाले हादसों में वर्ष भर में औसतन 60 लोगों की मौत हो जाती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में लोग गंभीर रूप से घायल होते हैं।
बावजूद इसके, इस खतरनाक हिस्से में हादसों की स्थायी रोकथाम के लिए प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आ रहे हैं। करीब सात किलोमीटर लंबी ड्रमंडगंज घाटी की तीखी ढलान, खतरनाक घुमाव और बड़का मोड़ की अंधी मोड़ भारी वाहनों के लिए चुनौती बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फोरलेन निर्माण के दौरान सड़क की डिजाइन में इन खतरनाक बिंदुओं पर पर्याप्त सुधार नहीं किया गया। घाटी में जगह-जगह बने ऊंचे रोड ब्रेकर भी भारी वाहनों की आवाजाही के दौरान परेशानी बढ़ाने वाले बताए जा रहे हैं।