अहरौरा के लखनियां दरी के पास की घटना, रॉबर्ट्सगंज के हिनौता गांव का निवासी था चालक
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। बड़े भाई की बहू को बेटी होने की सूचना पर रविवार रात कार लेकर निकले गजानंद गिरी (45) ने अहरौरा के लखनियां दरी मोड़ के पास गाड़ी खड़ी कर सो गया। एसी चालू था। रात डेढ़ बजे पुलिस ने कार देखकर दरवाजा खोला और चालक को सीएचयी अहरौरा पहुंचाया। वहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सोनभद्र के राबर्ट्सगंज थाना क्षेत्र के हिनौता गांव निवासी धर्मेंद्र गिरि ने बताया कि भाई गजानंद (45) मुंबई की कपड़ा कंपनी में मैनेजर थे। कोरोना काल में वह मुंबई छोड़कर घर आ गए थे। इसके बाद वापस मुंबई नहीं गया। उनके पास कार थी और वह उसे चलाता था। शादी हुई थी, लेकिन संतान नहीं थी। धर्मेंद्र ने बताया कि रविवार को बड़े भाई की बहू को बेटी हुई। उसे देखने के लिए गजानंद कार से वाराणसी जाने के लिए निकला, लेकिन वहां नहीं पहुंचा। धर्मेंद्र गिरि ने बताया कि भाई के पास मोबाइल था, जो मौके पर नहीं मिला है। थानाध्यक्ष अजय मिश्रा ने बताया कि रात में कार में एसी चलाकर वह सोया था। दरवाजा खोलकर उसे सीएचसी ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
एसी चलाकर सोया तो दरवाजा बंद क्यों नहीं किया
रात में सुनसान स्थान पर गाड़ी खड़ी कर एसी चलाकर अगर गजानंद सो गए थे तो उन्होंने कार को अंदर से लॉक क्यों नहीं किया, यह सवाल उठ रहा है। सुरक्षा की दृष्टि से कार को लॉक कर लेना चाहिए था।
एसी चलाकर सोने से मौत होना कारण नहीं हो सकता
मेडिकल कॉलेज के सहायक आचार्य एवं मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज पांडेय ने बताया कि एसी चलाकर सोने से मौत होना कारण नहीं हो सकता है। लोग एसी चलाकर ही लंबा सफर करते हैं। मौत का कोई और कारण हो सकता है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत का कारण स्पष्ट होगा।