स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघौड़ा की बोरिंग व सबमर्सिबल खराब होने से पेयजल का संकट छाया हुआ है। इससे पानी के लिए छात्र-छात्राओं और अध्यापकों को तरसना पड़ रहा है। बच्चों को शौचालय एवं पीने के पानी के लिए विद्यालय परिसर से बाहर जाना पड़ रहा है।
राजगढ़ विकासखंड क्षेत्र के अधिकतर गांव पहाड़ी एरिया में होने से गर्मी शुरू होते ही पेयजल संकट गहराने लगता है। जिससे लोगों को दूर-दूर तक पानी लेने के लिए जाना पड़ता है। बघौड़ा गांव पहाड़ी व पथरीला होने के कारण सबसे पहले पेयजल संकट उत्पन्न हो जाता है। जिससे पूर्व माध्यमिक विद्यालय बघौड़ा के परिसर में वर्षों पहले बोरिंग कराई गई थी। जिसमें सबमर्सिबल लगाकर बच्चों को पीने के लिए पानी की व्यवस्था की गई थी। बोरिंग में मिट्टी का मलबा भर जाने से सबमर्सिबल पूरी तरह बंद हो गया है। जिससे छात्राओं के लिए पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है। विद्यालय में पानी की व्यवस्था ना होने से बच्चे शौच व पीने के लिए पानी विद्यालय के बाहर गांव का चक्कर लगा रहे हैं। छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने विद्यालय परिसर में टैंकर से पेयजल की व्यवस्था कराए जाने की खंड शिक्षाधिकारी से मांग किया है।