विंध्याचल। बनवारीपुर गांव में नयेपुरवा, मल्लहिया बस्ती में हैंड पंप खराब होने से मोहल्लेवासी पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे हैं। मां गंगा ही उनका सहारा बनी हुई हैं।
नयेपुरवा, मल्लहिया बस्ती की कुल आबादी लगभग तकरीबन पांच सौ से अधिक है। मात्र एक हैंडपंप के जरिए लोगों की प्यास बुझ रही थी। लेकिन हैंडपंप पिछले चार माह से खराब होने से लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। गांव में एक ट्यूबवेल की स्थापना की गई है। जिसमें तकनीकी खराबी के चलते आए दिन मशीन ठप रहती है। हैंडपंप के सहारे लोगों की प्यास बुझ रही थी, वह भी पिछले चार माह से खराब है। खराबी को लेकर स्थानीय सभासद से मोहल्लेवासियों की ओर से कई बार शिकायत की गई। मरम्मत के नाम पर सभासद की ओर से सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है। शारदीय नवरात्र के बाद चैत्र नवरात्र करीब आ गया पर आजतक हैंडपंप का मरम्मत नहीं कराया गया। बस्ती निवासिनी पार्वती देवी का कहना है कि हैंडपंप में आई खराबी के चलते काफी दूर से पानी लाना पड़ता है। शैल देवी काी कहना है कि बस्ती में सैकड़ों की संख्या में परिवार रहते हैं, जिन्हें पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। कहा सप्लाई का पानी आता है, लेकिन आए दिन वह भी ठप रहता है। फगुई देवी ने बताया कि बस्ती में मात्र एक हैंडपंप है वह भी खराब पड़ा है जिससे पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कहा कि स्थानीय सभासद से गुहार लगाए जाने के बावजूद अबतक हैंडपंप की मरम्मत नहीं करायी गयी। संगीता देवी ने बताया कि पिछले नवरात्र से हैंडपंप खराब चल रहा है। पानी के किल्लत से जूझ रहे बस्ती की तरफ किसी का भी ध्यान नहीं। बार-बार हुई शिकायत पर कुछ कर्मचारी मौके पर जरुर आए पर हैंडपंप का मरम्मत न हो सका। सुघरा देवी व ममता देवी का कहना है कि बस्ती के लोगों के लिए मां गंगा के पानी का ही सहारा बना हुआ है। अभी तो किसी तरह से काम चल जा रहा है। यदि समय रहते ध्यान न दिया गया तो गर्मी के दिनों में भारी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है।