दुनिया भर के खिलाड़ियों का ध्यान रियो ओलंपिक पर है। सावन में धरती का उल्लास के साथ-साथ इलाके के पहलवानों का दम भी जोर मारने लगा है। नाग पंचमी पर सबको अपना दमखम साबित करना है। इसकी तैयारियां जोरों पर हैं। जिले भर में कुश्ती होगी। इसके लिए अखाडे़ सजने लगे हैं। कुछ अखाड़ाें पर देश के नामीगिरामी पहलवान अपना दमखम दिखाएंगे। पहलवानों का कहना है कि पहले कुश्ती ताकत के बल पर लड़ी जाती थी, अब तकनीक के बूते।
जिले में आज भी अखाड़ों की परंपरा कायम है। पहलवान अखाड़े में कुश्ती के नए-नए दांव-पेंच सीखने सीखते रहते हैं। कुश्ती के प्रति लोगों की दिलचस्पी कम होती जा रही थी लेकिन फिल्म सुल्तान और वाराणसी के पहलवान नरसिंह यादव के ओलंपिक के लिए चयन के बाद अबकी कुश्ती का क्रेज बढ़ा है। नागपंचमी के अवसर पर कछवां के परेड वार्ड स्थित श्री सत्य नारायण सिंह खेल संस्थान परिसर में आयोजित कुश्ती-दंगल में देश के कई नामी पहलवान शिरकत करेंगे। यहां 20 हजार से एक लाख रुपये तक की इनामी कुश्ती होगी। संस्था की संस्थापक शशि सिंह ने बताया कि कछवां में नागपंचमी पर सप्ताह भर कुश्ती-दंगल होगा
। लोंहदी कला गांव के डेढ़ सौ साल पुराने श्री छिउलहा नाथ महावीर मंदिर परिसर में स्थित विश्वनाथ अग्रहरि स्थापित अखाड़े में दंगल का आयोजन किया जाएगा। यहां सावन के चौथे शनिवार को दंगल होता है। कोन के गड़गेड़ी के बंगला एवं दलापट्टी, नगर के उपाध्याय की पोखरी स्थित दुक्खी के अखाड़े व बदलीघाट, सिटी ब्लाक के अर्जुनपुर व आमघाट, अदलहाट क्षेत्र के कौड़िया, गरौड़ी, भुइली, जिगना के अकोढ़ी के गौरी शंकर मंदिर परिसर, सुमतिया गांव के हनुमान मंदिर अखाड़े, शेरवां के सेमरा हनुमान मंदिर, मनई में श्रीपति सिंह का अखाड़ा में भी कुश्ती होगी।