परिषदीय विद्यालयों में दूध पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। वहीं जिले के कई विकास खंडों के दर्जनों विद्यालयों के बच्चों को दूध नहीं मिल सका। जिले में परिषदीय विद्यालयों में तीन लाख 17 हजार 523 बच्चे पंजीकृत हैं। जबकि मात्र एक लाख 65 हजार 572 बच्चों ने ही दूध पिया। कई विद्यालयों में प्रधानाध्यापकों की लापरवाही से तो कई विद्यालयों में दूध नहीं मिलने से बच्चों को दूध नहीं पिलाया जा सका। वहीं बुधवार को एडी बेसिक विजय शंकर मिश्रा और एमडीएम के जिला समन्वयक रवींद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने शेरवां सहित कई विद्यालयों में औचक निरीक्षण करके दूध वितरण का हाल जाना।
सिटी ब्लाक के स्वामी रामतीर्थ प्राथमिक पाठशाला लोहिया तालाब मिर्जापुर में बच्चों को दूध और कोफ्ता चावल वितरित किया गया। प्रधानाध्यापिका संजीदा रहमान ने बताया कि 61 बच्चों कोफ्ता चावल और दूध वितिरत किया गया। नगर के जानकी देवी प्राथमिक विद्यालय में भी बच्चों को कोफ्ता चावल और दूध वितरण किया गया।
जमालपुर संवाददाता के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय मठना में 370 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें से उपस्थित 156 बच्चों के लिए मात्र 12 लीटर दूध ही मिल पाया था। प्राथमिक विद्यालय धारा में 132 बच्चों में से 70 बच्चों ने दूध पिया। खंड शिक्षा अधिकारी संजय यादव ने बताया कि सभी विद्यालयों पर बच्चों को दूध पिलाया गया।
सीखड़ संवाददाता के अनुसार, विकास खंड सीखड़ के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में बच्चों को कोफ्ता और दूध दिया गया। पूर्व माध्यमिक विद्यालय विदापुर में 58, प्राथमिक विद्यालय पचरावं द्वितीय में 38, प्राथमिक विद्यालय विदापुर में 103 बच्चों ने दूध पिया।
पड़री संवाददराता के अनुसार, विकास खंड पहाड़ी के प्राथमिक विद्यालय तिगोड़ा प्रथम में 70, प्राथमिक विद्यालय पसैया में 86 और प्राथमिक विद्यालय आर्यवत सिंधोरा में 112 बच्चों ने दूध नहीं पिया। उच्च प्राथमिक विद्यालय सिंधोरा डगमगपुर में 112 और यूपीएस पसैया डगमगपुर में 88 बच्चों ने दूध नहीं पिया। खंड शिक्षा अधिकारी राजेश वैश्य ने बताया कि10755 बच्चों को दूध पिलाया गया।
ड्रमंडगंज संवादादाता के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय कठारी में 65 और नैड़ी में 137 बच्चों ने दूध पिया। वहीं प्राथमिक विद्यालय डढ़वा में 58 और मठिगना में 42 बच्चों ने दूध नहीं पिया। कछवां : कछवां के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में 111 और प्राथमिक विद्यालय प्रथम में 165 बच्चों को दूध पिलाया गया।
बीएसए अमरनाथ सिंह ने बताया कि जिले में बच्चों को मीनू के अनुसार प्रत्येक बुधवार को दूध पिलाना है। यदि किसी विद्यालय में लापरवाही मिली तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। कोशिश की जाएगी कि सभी को दूध मिले।