मांगों के लिए गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते भारतीय किसान यूनियन के सदस्य।
भारतीय किसान यूनियन के तत्वावधान में किसानों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। किसानों ने आपदा से प्रभावित किसानों का कर्ज माफ करने और सभी प्रकार की वसूली बंद करने की मांग की। जिलाध्यक्ष सिद्घनाथ सिंह ने जिलाधिकारी को 15 सूत्री मांग पत्र सौंपा।जिलाध्यक्ष ने कहा कि जिले में बाढ़ से गिरे मकानों का पक्का निर्माण कराया जाए। वहीं बाढ़ प्रभावित गांवों में महामारी से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कराएं। जिला महासचिव विरेंद्र सिंह ने कहा कि पशुओं को चारा की व्यवस्था और पशुओं का टीकाकरण कराया जाए। उन्होंने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के किसानों की बर्बाद फसलों का आकलन करा कर मुआवजा और बीमा दिलाए।
नरायन सिंह ने कहा कि नये कानून के अनुसार रेलवे द्वारा किसानों की अधिगृहित जमीन का मुआवजा सर्किल रेट का चार गुना मिले। उन्होंने कहा कि निर्धारित से अधिक जमीन का अधिग्रहण रोके। अवधेश नारायण ने किसानों को मुआवजा और बोनस देने की मांग की। रेलवे क्रासिंग करहट पर बन रहे अंदर ग्राउंड पुल को ओवर ब्रिज बनाया जाए। उदयनाथ सिंह ने कहा कि किसानों के लिए सहकारी समितियों पर पर्याप्त मात्रा में उर्वरक भेजे और किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मिले।
फसलों की सिंचाई के लिए क्षतिग्रस्त नहरों की मरम्मत कराएं और टेल तक पानी पहुंचाया जाए। किसानों ने कहा कि समस्या का निराकरण नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि टोल प्लाजा फत्तेपुर नरायनपुर में 20 किमी के अंदर चार पहिया वाहनों को नि:शुल्क किया जाए। इस दौरान चंद्रपाल सिंह, अनिल सिंह, जोखन सिंह, परशुराम, चंद्रपाल, रमाशंकर सिंह, स्वामी दयाल, शीतला प्रसाद आदि रहे।