विंध्याचल धाम की ओर जाने वाली खस्ताहाल सड़क।
शारदीय नवरात्र मेला के शुरू होने में मात्र एक पखवारा रह गया है ,लेकिन अभी तैयारियां जोर नहीं पकड़ रही हैं। विगत दिनों जिलाधिकारी कंचन वर्मा ने बैठक कर सभी विभागों के अधिकारियों को 25 सितंबर तक तैयारियों को पूर्ण करने का निर्देश दिया था। मेला क्षेत्र में तैयारियां तो आरंभ हो गई है, लेकिन विभागीय उदासीनता से कार्य में तेजी नहीं आ रही है, जिसका खामियाजा देश के कोने-कोने से आने वाले भक्तों को भुगतना पड़ सकता है।मेला क्षेत्र में तैयारियों की गति को देख कर ऐसा नहीं लग रहा है कि नवरात्र मेला शुरू होने के पूर्व सभी तैयारियों को पूरा करा लिया जाएगा।
धाम क्षेत्र के गंगा घाटों और त्रिकोण परिक्रमा क्षेत्र सहित प्रमुख सड़कों एवं गलियों की दशा दयनीय है। रोडवेज परिसर, रेलवे स्टेशन, प्राइवेट बस स्टैंड परिसर में फैली गंदगी मुंह चिढ़ा रही है, वहीं विभिन्न गलियों व सड़कों की जाम नालियों के कारण जलनिकासी की भी समस्या बरकरार है। न्यू वीआईपी और पुरानी वीआईपी रोड पर लगे प्लास्टिक के टीन शेड जर्जर अवस्था में हैं, जिसे बदलवाने के लिए कोई कवायद नहीं की जा रही है। जैपुरिया गली, सुगंधी देवी गली, राम जानकी मंदिर गली, फतेपुरी गली, भट्ट जी की गली, कोतवाली गली, पक्काघाट गली, होटल रत्नाकर गली में नालियां पूरी तरह से जाम हो चुकी हैं, जिसके कारण गंदा पानी गलियां में फैला रहता है।
शिवपुर से शास्त्री सेतु तक बन रहे सड़क निर्माण कार्य की गति धीमी होने के कारण मेले के पूर्व सड़क नहीं बना तो उसका खामियाजा दूरदराज से आने वाले दर्शनार्थियों को भुगतना पड़ सकता है। शिवपुर बाजार से विंध्याचल तक बन सड़क के कारण दोनों तरफ की नालियां क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।मेला क्षेत्र के शीतला मंदिर से मोतीझील, चामुंडा देवी गली से पश्चिम मुहाल, ओझला पुल से कंतित मजार, शिवपुर बाजार से रामगयाघाट, अष्टभुजा मंदिर से मुख्य मार्ग तक सहित कई अन्य सड़कों की दशा बद से बदतर हो चुकी है। मेला क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों से गुजरने में आस्थावानों को असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।