किसी को कर्ज भरने की चिंता सता रही है तो किसी का बेटी को डोली चढ़ाने का अरमान चकनाचूर हो गया। पहले बारिश ने परेशान किया तो अब आग ने। गुरुवार को दोपहर में गेहूं के खेत में लगी आग से दर्जन भर से अधिक किसानाें की गेहूं की फसल राख हो गई।
फसल जलने से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। किसान अपनी तैयार फसल को लेकर काफी उम्मीद सजोए हुए थे। कोई अपनी बिटिया की शादी तो कोई अपने बच्चे की पढ़ाई सुचारु रूप से करने की बात सोची थी। मगर गेहूं की फसल जलने से उनके सारे उम्मीदाें पर पानी फिर गया। उन्हें समझ में नहीं आ रहा है की क्या करें।
जमालपुर के किसान उमेश सिंह का करीब चार बीघा गेहूं का फसल उनके सामने ही जलकर राख हो गया और वह कुछ भी नहीं कर पाए। उन्होंने फसल के भरोसे ही अपने बेटी की शादी करने की तैयारी कर रखे थे, लेकिन उनके आंख के सामने ही खेतों में खड़ी फसल जलकर राख हो गई।
जमालपुर स्थित राम जानकी मंदिर के पुजारी बबलू के करीब पांच बीघा गेहूं की फसल उनके आंखों के सामने ही जलकर राख हो गई, अब उसके सामने यह चिंता सता रही है कि वह लिए गए कर्ज को कैसे भरेंगे।
मुन्ना सिंह ने किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लेकर गेहूं की खेती किए थे और खड़ी फसल को देख खुश थे कि अब कर्ज से मुक्ति मिलेगी, लेकिन उनका करीब चार बीघा फसल जल गया। किसान चंद्रभूषण सिंह का पांच बीघा गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। उन्होंने फसल के भरोसे ही अपने बेटे की पढ़ाई के फीस जमा करने के बारे में सोचा था। ऐसे में किसानों के सामने अपने जीविका और लिए कर्ज को लेकर चिंता सताने लगी है।