फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: दवाओं की सूची नहीं दिखाने पर डीएम ने चीफ फार्मासिस्ट को किया निलंबित

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन बृहस्पतिवार को मंडलीय अस्पताल निरीक्षण करने पहुंच गईं। इस दौरान दवाओं की सूची मांगने पर चीफ फार्मासिस्ट नहीं दिखा सके। इस पर जिलाधिकारी ने चीफ फार्मासिस्ट को निलंबित करने का निर्देश दिया। डॉक्टर द्वारा बच्चे को अस्पताल से बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लेने के लिए कहने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में स्टैंड को पीछे की ओर ले जाने तथा वहां साइकिल जमा करने वालों से शुल्क वसूल नहीं करने की हिदायत दी। उन्होंने सीटी स्कैन जल्द चालू करने, मेडिकल वेस्ट का सही तरीके से निस्तारण करने का निर्देश दिया।
विज्ञापन

जिलाधिकारी बृहस्पतिवार को सुबह करीब सवा 11 बजे मंडलीय अस्पताल पहुंचीं। परिसर में इमरजेंसी के पास गाड़ी खड़ी किए जाने के बाद वे अस्पताल के पीछे की ओर पहुंचीं। वहां स्टैंड संचालित होता हुआ नहीं मिला। वहां कूड़ा फैला हुआ दिखा। इस पर उन्होंने अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। कूड़ा को चिह्नित स्थान पर एकत्र करने और वाहन स्टैंड को पीछे की ओर ले जाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्टैंड में साइकिल जमा करने वालों से पैसा नहीं लेने का निर्देश दिया। इसके बाद वे पर्ची काउंटर पर पहुंचीं। वहां लोगों से बात करने के बाद ओपीडी का निरीक्षण करने के लिए बाल रोग कक्ष में पहुंचीं। वहां मरीजों की भीड़ देख नाराजगी जताई और डॉक्टर को कक्ष में बैठाने का निर्देश दिया। उन्होंने पर्ची काउंटर के पास ही बोर्ड कौन से डाॅक्टर कहां और किस कक्ष में बैठते हैं, उसका बोर्ड लगवाने का निर्देश दिया। इसके बाद वे दवा काउंटर पर पहुंचीं। पेट दर्द होने पर हलिया से आए एक बालक रौनक शुक्ला को दी जाने वाली दवा के बारे में जानकारी ली। बच्चे को मल्टी विटामिन की सीरप आदि नहीं दी गई थी। बताया गया कि अस्पताल में दवा नहीं है। बच्चे से पूछने पर बताया कि बाल रोग विशेषज्ञ डाॅ. राजेश सिंह ने बाहर मेडिकल स्टोर से दवा लेने को कहा है। इस पर जिलाधिकारी ने स्टोर पहुंचकर जानकारी ली। वहां से वापस दवा काउंटर पर आईं। वहां दवा न होने पर चीफ फार्मासिस्ट को दवाओं की सूची दिखाने को कहा। सूची नहीं दिखाने पर चीफ फार्मासिस्ट राममूरत सिंह को उन्होंने निलंबित करने का निर्देश दिया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जिलाधिकारी ने जमकर फटकार लगाई। उन्होंने आगाह किया कि अस्पताल की व्यवस्था अविलंब दुरुस्त कर लें। पंद्रह दिन बाद फिर अस्पताल आएंगी। व्यवस्था में सुधार नहीं मिलने पर उन्होंने कार्रवाई की चेतावनी दी। निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डाॅ. विश्वजीत दास, सीएमओ डाॅ. सीएल वर्मा, सीएमएस डाॅ. एसके श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें