मिर्जापुर। कलेक्ट्रेट सभागार में बुधवार को शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले विकास कार्यक्रमों एवं 50 लाख से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं में हुई प्रगति की समीक्षा की गई। समीक्षा बैठक में नहीं आने पर जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सहायक निदेशक मत्स्य, जिला पंचायत राज अधिकारी का एक दिन वेतन रोकने का निर्देश दिया। इनके अलावा सीएलडीएप के अधिशासी अधिकारी ने स्वयं मौजूद होने के बजाय अवर अभियंता को बैठक में भेज दिया था, जो बैठक में कोई जानकारी नहीं दे सके। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांग लिया।
इसी तरह से निर्देश के बावजूद धनराशि के लिए शासन को पत्र नहीं भेजने पर जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग सीडी दो के अधिशासी अभियंता से भी स्पष्टीकरण मांग लिया। राजकीय महाविद्यालय मझवां के निर्माण कार्य में विलंब होने तथा पिछले माह लक्ष्य की तुलना में दो करोड़ रुपये खर्च नहीं किए जाने पर उन्होंने सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक से भी स्पष्टीकरण मांग लिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशुपालकों का केसीसी बनवाने का निर्देश दिया। इसके लिए प्रबंधक लीड बैंक से समन्वय कर 16 एवं 17 जून को ब्लाॅक स्तर पर शिविर लगाने की हिदायत दी। उन्होंने मुख्य चिकित्साधिकारी को भी टीकाकरण के लिए शिविर लगाकर लक्ष्य पूरा कराने का निर्देश दिया।
उन्होंने अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने संभव अभियान के तहत सैम बच्चों की देखभाल के लिए पोषण तत्व देकर स्वास्थ्य में सुधार लाने का निर्देश दिया।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी स्वयं रुचि लेकर गोल्डन कार्ड बनाने में तेजी लाने का निर्देश दिया। इस दौरान बंद पड़े हैंडपंपों को रीबोर कराने, नहरों की सफाई व टेल तक पानी पहुंचाने, बिजली बिल बकाया की वसूली, नई सड़कों के निर्माण, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा आदि की भी समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने सेतु निगम को शास्त्री पुल के मरम्मत कार्य को 10 दिवस के अंदर शुरू कराने का निर्देश दिया। मेडिकल काॅलेज के मल्टीपरपज हाल के निर्माण में तेजी लाने एवं पुराने भवनों के ध्वस्तीकरण के कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। बैठक में मनरेगा, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, प्रधानमंत्री सड़क योजना की भी समीक्षा की गई।