अगले कुछ वर्षों में मंडल के मरीजोें को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें वे सारी सुविधाएं मंडलीय चिकित्सालय में ही मिलने लगेंगी।
दिल्ली से आई एनएबीएच (नेशनल एक्रीग्रेडेशन बोर्ड हास्पिटल सर्विसेज) की टीम के सर्वे में इस चिकित्सालय को और बेहतर बनाने के लिए संसाधनों की उपलब्धता के तय मानकों पर खरा पाया गया है। टीम अपनी रिपोर्ट जल्दी ही शासन को सौंप देगी।
एनएबीएच के संयुक्त निदेशक डा. गुलाम अब्बास और यूपी एचएस के एडवाइजर डा. आईएस खान ने मंडलीय अस्पताल में पत्रकारों को बताया कि प्रदेश के 40 चिकित्सालयों को हाईटेक किया जाना है।
इसके लिए चिकित्सालयों में उपलब्ध संसाधनों, सुविधाओं और उपकरणों के बारे में सर्वे किया जा रहा है।
अब तक के सर्वे में मिर्जापुर जिला चिकित्सालय को प्रथम, गोरखपुर को द्वितीय, आजगमगढ़ को तृतीय तथा कुशीनगर को चौथा स्थान मिला है।
इसमें मिर्जापुर के मंडलीय चिकित्सालय में मानक के अनुसार सारी सुविधाएं यथा साफ सफाई, सुविधा, बिल्डिंग की क्षमता उपलब्ध हैं। अच्छे उपकरण भी मौजूद है। मैन पावर की कुछ कमी है।
कुछ उपकरणों की और जरूरत है जिन्हें रिपोर्ट भेजने के बाद शासन से उपलब्ध करा दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इसके पहले देश के तीन प्रांतों गुजरात, केरल तथा महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों के चिकित्सालयों का सर्वे कर हाईटेक किया जा चुका है।
वहां योजना सफल होने पर इसे उत्तर प्रदेश में लागू किया जा रहा है।